PAK पूर्व PM इमरान खान अस्पताल पहुंचे, लाइटें बंद-मोबाइल जमा; बढ़ी सुरक्षा
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानिए सुरक्षा और मेडिकल अपडेट।
Imran Khan Hospital News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आखिरकार इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रावलपिंडी की अडियाला जेल से उन्हें इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया। इमरान के अस्पताल पहुंचने के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था अचानक कड़ी कर दी गई। अस्पताल की बिल्डिंग की लाइटें बंद कर दी गईं, स्टाफ के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए और बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों को भी वहां से हटा दिया गया।
इमरान खान को अस्पताल ले जाने का फैसला पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है। कोर्ट ने उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का आदेश दिया था। साथ ही उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने को कहा गया था।
अस्पताल के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
इमरान खान के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय नजर आईं। अस्पताल परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। मीडिया को भी अस्पताल के मुख्य गेट से दूर कर दिया गया।
अस्पताल के अंदर की तस्वीरों और वीडियो को लेकर भी काफी चर्चा है। रिपोर्टों के अनुसार इमरान के पहुंचने के बाद बिल्डिंग की अधिकांश लाइटें बंद कर दी गईं। अस्पताल के स्टाफ के मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए। सुरक्षा व्यवस्था के चलते अस्पताल के भीतर की गतिविधियों की जानकारी बाहर आने से रोकने की कोशिश की गई।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल शिफ्ट हुए इमरान
इमरान खान लंबे समय से अडियाला जेल में बंद हैं। उनकी सेहत को लेकर परिवार और वकीलों की ओर से लगातार चिंता जताई जा रही थी। परिवार की मांग थी कि उन्हें जेल के बजाय निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जाए और उनकी पसंद के डॉक्टरों से उपचार कराया जाए।
इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश जारी करते हुए इमरान को निर्धारित समय के भीतर अस्पताल ले जाने का आदेश दिया था। अब अदालत के आदेश के बाद उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंचाया गया है।
पाकिस्तान सरकार ने फिर दाखिल की रिव्यू पिटीशन
इमरान को निजी अस्पताल में इलाज कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पाकिस्तान सरकार ने दोबारा रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। सरकार की ओर से अदालत से अपने पहले आदेश पर पुनर्विचार करने और उसे वापस लेने की मांग की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की पहली रिव्यू पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने वापस कर दिया था। बताया गया कि याचिका के साथ जरूरी दस्तावेजों की पूरी पेपर बुक जमा नहीं की गई थी। इसके बाद सरकार ने दोबारा प्रक्रिया पूरी करते हुए रिव्यू पिटीशन दाखिल की।
इमरान के वकील को जेल में मुलाकात की अनुमति नहीं मिली
इमरान खान के वकील खालिद यूसुफ चौधरी ने दावा किया कि वह अडियाला जेल के बाहर मौजूद थे, लेकिन उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की इजाजत नहीं दी गई।
वकील के अनुसार, उन्हें इमरान खान से अवमानना याचिका और पावर ऑफ अटॉर्नी से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने थे। उनका आरोप है कि जेल प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति नहीं दी।
वकील ने कहा कि इसके बावजूद वह सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करेंगे।

मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य को लेकर जताई गई चिंता
अदालत के सामने पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं। रिपोर्ट में ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, दिल की धड़कन में बदलाव और मानसिक तनाव जैसी बातों का उल्लेख किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार उनका हालिया ब्लड प्रेशर 140/80 दर्ज किया गया, जबकि फरवरी में यह 120/80 बताया गया था। उनकी नब्ज 54 प्रति मिनट दर्ज की गई।
इन स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टों के बाद उनके परिवार और कानूनी टीम की ओर से अस्पताल में इलाज की मांग को और मजबूती मिली।
मेडिकल बोर्ड करेगा इमरान की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत आकलन करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है। बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी शामिल करने की बात कही गई है।
मेडिकल बोर्ड इमरान की मौजूदा स्थिति के साथ उनकी पुरानी मेडिकल रिपोर्टों का भी अध्ययन करेगा। इसके बाद डॉक्टर यह तय करेंगे कि उन्हें किस तरह के उपचार की आवश्यकता है और आगे उनका इलाज अस्पताल में जारी रखना जरूरी है या अन्य व्यवस्था की जा सकती है।
फिलहाल इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है और उनकी मेडिकल स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।

