रणथंभौर में फिर लौटेगी जंगल सफारी की रौनक, 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सीजन शुरू; नियमों पर भी सख्ती

रणथंभौर टाइगर रिजर्व 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुलेगा। सफारी रूट की मरम्मत, गाइड ट्रेनिंग और नई सुविधाओं के साथ नए पर्यटन सत्र की तैयारियां पूरी हैं।

रणथंभौर में फिर लौटेगी जंगल सफारी की रौनक, 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सीजन शुरू; नियमों पर भी सख्ती

सवाई माधोपुर का रणथंभौर टाइगर रिजर्व एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। मानसून के चलते करीब तीन महीने तक बंद रही नियमित पर्यटन गतिविधियां 1 अक्टूबर से दोबारा शुरू होंगी। नए पर्यटन सत्र को लेकर वन विभाग ने सफारी रूट से लेकर गाइड प्रशिक्षण और पर्यटकों की सुविधाओं तक कई स्तरों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।

बारिश के दौरान खराब हुए पर्यटन जोन के रास्तों की मरम्मत कराई गई है। वहीं रणथंभौर में तैनात नेचर गाइडों की कार्यक्षमता और वन्यजीवों से जुड़े ज्ञान की भी जांच की गई है। वन विभाग के मुताबिक नए सीजन में कोशिश रहेगी कि पर्यटकों को बेहतर सफारी अनुभव मिले और साथ ही जंगल के नियमों का पालन भी सख्ती से कराया जाए।

 280 नेचर गाइडों का इंटरव्यू, प्रशिक्षण भी पूरा

रणथंभौर में फिलहाल 280 नेचर गाइड हैं। इनमें 157 ए श्रेणी और 123 बी श्रेणी के गाइड शामिल हैं। नए पर्यटन सत्र से पहले सभी गाइडों के इंटरव्यू लिए गए। इस दौरान वन्यजीवों की जानकारी, पर्यटकों की सुरक्षा और गाइड की कार्यकुशलता से जुड़े पहलुओं को परखा गया।

वन विभाग ने गाइडों को नए सत्र के लिए प्रशिक्षण भी दिया है, ताकि सफारी के दौरान पर्यटकों को जानकारी देने के साथ सुरक्षा और वन्यजीव नियमों का भी ध्यान रखा जा सके।

गणेश धाम पर विकसित होगा इंटरप्रिटेशन सेंटर

नए पर्यटन सीजन में रणथंभौर के गणेश धाम प्रवेश द्वार पर पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। यहां इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जा रहा है, जिसमें कॉमन बोर्डिंग प्लेस, वेटिंग एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा एक कन्वेंशन सेंटर भी विकसित किया जाएगा। इसमें मीटिंग हॉल और फिल्म प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। वन विभाग का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य पर्यटकों के लिए प्रवेश और सफारी से जुड़ी प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है।

 नियम तोड़े तो गाइड-ड्राइवर पर होगी कार्रवाई

नए सीजन में वन्यजीव नियमों के पालन को लेकर भी वन विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों को फिलहाल कुछ समय के लिए पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया जाता है। बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में स्थायी प्रतिबंध जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

वन विभाग का फोकस पर्यटकों की सुविधा के साथ जंगल की संवेदनशीलता और वन्यजीवों की सुरक्षा बनाए रखने पर रहेगा।

रोजाना 280 वाहन करेंगे सफारी

नए पर्यटन सत्र में रणथंभौर के 10 पर्यटन जोन में सफारी संचालित होगी। प्रतिदिन दो पारियों में कुल 280 पर्यटक वाहन सफारी पर जा सकेंगे। इनमें जिप्सी और कैंटर दोनों तरह के वाहन शामिल हैं।

वन विभाग के अनुसार मौजूदा जोनों में पर्यटकों की मांग काफी अधिक रहती है। इसी वजह से दो नए पर्यटन जोन शुरू करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और संबंधित उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। फिलहाल नए जोन शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है।

अगर अनुमति मिलती है तो नए जोन के साथ सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाने की संभावना भी बनेगी और ज्यादा पर्यटकों को जंगल सफारी का मौका मिल सकेगा।

कैंटर सफारी में अब सीट नंबर से मिलेगी व्यवस्था

इस बार कैंटर से सफारी करने वाले पर्यटकों के लिए भी एक बदलाव किया गया है। सफारी के दौरान यात्रियों को सीट नंबर आवंटित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कैंटर में बैठने को लेकर होने वाली असुविधा को कम करना और व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है।

तीन महीने के मानसून ब्रेक के बाद 1 अक्टूबर से रणथंभौर में फिर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। टाइगर सफारी के लिए देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के बीच रणथंभौर की लोकप्रियता को देखते हुए नए पर्यटन सत्र में वन विभाग के सामने पर्यटकों की सुविधा और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी।