बस स्टैंड पर 60 लाख की स्मैक बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार; अब खंगाला जाएगा तस्करी का नेटवर्क
झालावाड़ बस स्टैंड क्षेत्र से पुलिस ने 300 ग्राम स्मैक बरामद की, जिसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू की गई।
राजस्थान के झालावाड़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस स्टैंड क्षेत्र से 300 ग्राम स्मैक बरामद की है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्मैक कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किसे की जानी थी।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला स्पेशल टीम से मिले इनपुट के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त रूप से की। दोनों गिरफ्तार आरोपी बारां जिले के हरनावदाशाहजी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
जिला स्पेशल टीम के इनपुट पर पुलिस की दबिश
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मुताबिक, जिले में मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त, परिवहन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान जिला स्पेशल टीम को झालावाड़ शहर के बस स्टैंड इलाके में स्मैक तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली।
सूचना के आधार पर कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसके बाद पुलिस ने बस स्टैंड क्षेत्र में कार्रवाई कर संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 300 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बारां जिले के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में विजेंद्र पुत्र राजाराम, निवासी फूलबड़ौद, थाना हरनावदाशाहजी, जिला बारां शामिल है। दूसरे आरोपी की पहचान राजाराम लोधा के रूप में बताई गई है।
पुलिस ने बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई है। हालांकि, यह राशि अनुमानित बाजार मूल्य है। मामले में अब आरोपियों से पूछताछ कर मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
स्मैक कहां से आई और किसे होनी थी सप्लाई?
कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु स्मैक की सप्लाई का स्रोत और संभावित खरीदार हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी मादक पदार्थ कहां से लेकर आए थे और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तस्करी नेटवर्क की दूसरी कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मादक पदार्थ की आपूर्ति और लेन-देन से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि इस कथित तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।

