झालावाड़ में सीढ़ियों से गिरने की कहानी से 100 करोड़ के घोटाले तक, ऐसे खुली 19 अपराधों की परत

झालावाड़ पुलिस ने पिछले सवा साल में शिकायत का इंतजार किए बिना 19 मामलों में खुद FIR दर्ज की। हत्या, मानव तस्करी और 100 करोड़ से ज्यादा के सरकारी योजना फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

झालावाड़ में सीढ़ियों से गिरने की कहानी से 100 करोड़ के घोटाले तक, ऐसे खुली 19 अपराधों की परत

राजस्थान के झालावाड़ में अपराध की जांच के लिए पुलिस ने कई मामलों में शिकायतकर्ता का इंतजार नहीं किया। पिछले सवा साल में पुलिस ने गोपनीय सूचना, वायरल वीडियो और संदिग्ध घटनाक्रम को आधार बनाकर खुद परिवादी बनते हुए 19 मामलों में एफआईआर दर्ज की। इन मामलों की जांच में हत्या, मानव तस्करी, सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया पर सामने आए अपराधों का खुलासा हुआ।

पुलिस के मुताबिक, कई मामलों में शुरुआत बेहद छोटे सुराग से हुई, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर अपराध की परतें खुलती चली गईं। इनमें एक मामला ऐसा भी था, जिसमें महिला की मौत को सीढ़ियों से गिरने का हादसा बताने की कोशिश की गई थी।

सीढ़ियों से गिरने की कहानी पर पुलिस को हुआ शक

अकलेरा के चंदनपुर गांव में 7 नवंबर 2025 को रेनू उर्फ निर्मला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। परिजनों की ओर से इसे सीढ़ियों से गिरने का हादसा बताया गया। हालांकि पोस्टमार्टम में मृतका के शरीर पर 19 चोटें मिलने के बाद पुलिस को घटना पर संदेह हुआ।

इसके बाद वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और क्राइम सीन री-क्रिएशन के जरिए साक्ष्य जुटाए गए। जांच में पति के अन्य महिलाओं से संबंधों को लेकर विवाद की बात भी सामने आई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पति देवीकृपाल उर्फ डेविड समेत आठ परिजनों को गिरफ्तार किया और चालान पेश किया।

100 करोड़ से ज्यादा के सरकारी योजना घोटाले का खुलासा

झालावाड़ पुलिस की जांच में सरकारी योजनाओं से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच में अंतरराज्यीय गिरोह का पता चला, जिसने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा व दिव्यांग पेंशन, मुफ्त स्कूटी वितरण और फसल खराबा मुआवजा जैसी योजनाओं के पोर्टल की तकनीकी खामियों का फायदा उठाया।

डिजिटल डिवाइस से मिले डेटा, फ्रीज किए गए बैंक खातों और अलग-अलग जिलों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के दुरुपयोग का पता लगाया। मामले की आगे की जांच एसओजी कर रही है। पुलिस के अनुसार अब तक 51 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और इनमें से 48 के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है।

कुएं में मिली विवाहिता की मौत की जांच में भी खुली परतें

डग क्षेत्र के तिसाई गांव में जुलाई में विवाहिता तारा कुंवर कुएं में गंभीर हालत में मिली थी। बाद में उसकी मौत हो गई। मामले की जांच के लिए पुलिस ने कोटा से एफएसएल टीम बुलाकर घटनास्थल और कुएं का निरीक्षण कराया।

क्राइम सीन री-क्रिएशन और भौतिक साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने मृतका के पति जसवंत सिंह और ससुर रणजीत सिंह को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।

वायरल वीडियो बने पुलिस की कार्रवाई का आधार

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो भी झालावाड़ पुलिस की जांच में अहम सुराग बने। पुलिस के अनुसार, कुत्ते से क्रूरता, एसआरजीएच की पार्किंग में मरीज के परिजन से मारपीट और हथियार लहराकर धमकाने जैसे मामलों में वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने खुद एफआईआर दर्ज की।

खानपुर में चाकू और तलवार लहराने के अलग-अलग मामलों में भी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

मानव तस्करी के नेटवर्क से 10 लड़कियां मुक्त

2 जून को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मानव तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई में 10 लड़कियों को मुक्त कराया गया, जिनमें सात नाबालिग थीं। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक व्यक्ति को डिटेन किया।

जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों को रोजगार और बेहतर परवरिश का झांसा देकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद कथित तौर पर दलालों के जरिए उन्हें मुंबई, नागपुर और अन्य शहरों में भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार नेटवर्क के तार बूंदी, टोंक, झालावाड़, ग्वालियर और मुंबई तक जुड़े मिले।

पहले सुराग से शुरू हुई जांच

झालावाड़ एसपी अमित कुमार के अनुसार, अपराध सामने आने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता का इंतजार करने के बजाय उपलब्ध सूचना और शुरुआती सुराग के आधार पर जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस खुद परिवादी बनी और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।

इन 19 मामलों ने यह दिखाया कि कई बार अपराध का पहला सुराग किसी शिकायत से नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो, गोपनीय सूचना या संदिग्ध घटनाक्रम से मिलता है। झालावाड़ पुलिस ने इन्हीं सुरागों को जांच की शुरुआत बनाया और कई मामलों में अपराध की बड़ी तस्वीर सामने आई।