जोधपुर मेहरानगढ़ स्थित माँ चामुंडा दरबार में चैत्र नवरात्र के पहले दिन उमड़ी श्रद्धा, गूंजे माता के जयकारे
नवरात्र 2026 के पहले दिन जोधपुर के मेहरानगढ़ दुर्ग स्थित मां चामुंडा मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। हजारों भक्तों ने मां के दर्शन किए और विशेष पूजा-अनुष्ठान में शामिल हुए।
शक्ति की आराधना के पावन पर्व नवरात्र के पहले दिन रविवार को जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग पर स्थित मां चामुंडा के दरबार में आस्था का अपार सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही माँ के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूरा मेहरानगढ़ परिसर माता के जयकारों और भजनों से गंजायमान हो उठा।
भक्तों का तांता और विशेष अनुष्ठान
नवरात्र के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ ही मेहरानगढ़ स्थित मां चामुंडा मंदिर के पट खोल दिए गए। जोधपुर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त माता का आशीर्वाद लेने पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह नजर आया।
मंदिर से जुड़े पुजारी घनश्याम त्रिवेदी ने बताया कि सुबह 7:30 बजे पहली आरती के साथ विधिवत अनुष्ठान शुरू हुए। बाबजी हुकुम द्वारा घट स्थापना की पूजा संपन्न हुई और मंदिर में आठ दिनों तक सप्तशती पाठ चलेंगे, अष्टमी की रात को भव्य हवन तथा नवमी को पूर्णाहुति होगी।
ऐतिहासिक महत्व और मान्यता
इतिहासकारों के अनुसार, जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने विक्रम संवत 1517 में मंडोर से लाकर मां चामुंडा की इस दिव्य प्रतिमा को मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थापित किया था। मारवाड़ के राजवंश और आम जनमानस की माँ चामुंडा में अटूट आस्था है। मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि इतिहास में संकट के दौर में जब दुश्मन देश द्वारा बम फेंके गए थे, तब माँ के आशीर्वाद से एक भी बम नहीं फटा और कोई नुकसान नहीं हुआ, जिससे भक्तों की आस्था और अधिक प्रगाढ़ हो गई है।
प्रशासन और सुरक्षा के पुग्ता इंतजाम
मेहरानगढ़ दुर्ग पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाधिकारी देवेंद्र देवड़ा ने बताया कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन अवकाश और रविवार होने के कारण देवी के दर्शन के लिए भारी उमंग देखी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर जयपोल, मित्यापोल, फतेहपोल और जोधा प्याऊ के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर रोक-रोककर प्रवेश दिया जा रहा है। नवरात्र के पहले दिन मेहरानगढ़ में कम से कम 10 से 15 हजार लोगों के दर्शन करने की संभावना है।
मेहरानगढ़ पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि सच्चे मन और सच्ची भावना से आने वाले हर भक्त की मनोकामना माँ चामुंडा अवश्य पूरी करती हैं। कई भक्त परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक अन्न का त्याग कर या मौन व्रत रखकर माता की आराधना में लीन हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में मारवाड़ की कुलदेवी के प्रति अगाध श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है।

