पंजाब के दो इनामी शूटरों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज, पूर्व विधायक की रेकी की भी चर्चा

जोधपुर में पंजाब के दो इनामी शूटर गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस उनसे स्थानीय संपर्क, संभावित टारगेट और शहर आने के मकसद को लेकर पूछताछ कर रही है।

पंजाब के दो इनामी शूटरों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज, पूर्व विधायक की रेकी की भी चर्चा

जोधपुर में पंजाब के दो इनामी शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। दोनों आरोपियों को एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक होटल से पकड़ा गया था। अब राजस्थान और पंजाब पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच में उनके जोधपुर आने के मकसद, स्थानीय संपर्कों और संभावित टारगेट को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

होटल के कमरे से पकड़े गए दोनों आरोपी

राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को कैलाश नगर स्थित होटल सनसिटी इन के कमरा नंबर 204 से गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, दोनों फर्जी पहचान के साथ होटल में ठहरे हुए थे। उनकी पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। दोनों पंजाब के फाजिल्का क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी पंजाब में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांछित थे। उन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित बताया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ पंजाब में कुल 12 मामले दर्ज हैं।

अदालत ने दोनों आरोपियों को 10 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इसके बाद से जोधपुर के एयरपोर्ट थाने में पुलिस अधिकारियों की आवाजाही बढ़ी हुई है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

हथियार, अफीम और नकदी बरामद

पुलिस की तलाशी में आरोपियों के पास से 83 ग्राम अफीम का दूध, एक अवैध रिवॉल्वर, 88,100 रुपए नकद, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कथित फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है।

प्रारंभिक जांच में दोनों के लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की जानकारी पुलिस के सामने आने की बात कही गई है।

किसके निर्देश पर जोधपुर पहुंचे?

अब पुलिस का फोकस इस बात पर है कि दोनों शूटर जोधपुर किसके निर्देश पर पहुंचे थे। उनके स्थानीय संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के हवाले से पूर्व विधायक की रेकी किए जाने और आरोपियों के पास उनकी फोटो मिलने की चर्चा है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस पहलू की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

डेढ़ साल से AGTF की निगरानी में थे

रिपोर्ट के मुताबिक, AGTF दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर करीब डेढ़ साल से नजर रख रही थी। नेपाल से भारत लौटने के बाद उनके राजस्थान आने की सूचना मिलने पर सिरोही से उनकी निगरानी शुरू की गई थी।

अब जोधपुर में पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर पुलिस उनके नेटवर्क, संपर्कों और जोधपुर आने के उद्देश्य की जांच कर रही है।