श्रीगंगानगर में टिम्मा की गिरफ्तारी पर बवाल: गुरुद्वारे में हंगामा-तोड़फोड़, हाईवे जाम; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
श्रीगंगानगर में तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। गुरुद्वारा परिसर में हंगामे और श्रीगंगानगर-पदमपुर मार्ग पर जाम की कोशिश से माहौल गरमा गया।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा धन-धन बाबा दीप सिंह जी सभा के सचिव और सिख धर्म प्रचार से जुड़े **तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा** की गिरफ्तारी के बाद माहौल गरमा गया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामला इतना बढ़ा कि गुरुद्वारा परिसर में हंगामे और तोड़फोड़ की स्थिति बन गई, जबकि समर्थकों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया और श्रीगंगानगर-पदमपुर मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि टिम्मा की गिरफ्तारी एक कथित मारपीट के मामले में की गई है, जबकि परिवार और समर्थक इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा के खिलाफ **31 अगस्त 2026** को एक मामला दर्ज हुआ था।
आरोप है कि एक इमीग्रेशन कारोबारी **तरनजीत सिंह थिंद** के घर में घुसकर मारपीट की गई थी। इसी मामले में जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस टीम टिम्मा को गिरफ्तार करने पहुंची।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और कार्रवाई के दौरान धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखा गया।
गुरुद्वारे पहुंची पुलिस, फिर बढ़ा तनाव
पुलिस का कहना है कि टीम जब गुरुद्वारा परिसर में पहुंची तो धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने सिर ढका और जूते उतारकर भीतर प्रवेश किया।
दावे के मुताबिक टिम्मा गुरुद्वारा परिसर के एक कमरे या गेस्ट हाउस में मौजूद थे।
इस दौरान वहां मौजूद महिलाओं और समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। कुछ ही समय में खबर बाहर फैली और बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंचने लगे।
इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का गुस्सा फूटा
टिम्मा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कुछ लोगों ने गुरुद्वारा परिसर में तोड़फोड़ की, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए।
श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे पर भी जाम की स्थिति बनी और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
परिवार का आरोप—राजनीतिक दबाव में हुई कार्रवाई
तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा की पत्नी **बीबी हरमीत कौर** और समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव में की गई और गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश के दौरान धार्मिक भावनाओं और मर्यादा का पर्याप्त सम्मान नहीं किया गया।
हालांकि पुलिस इन आरोपों से इनकार कर रही है और उसका कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई।
यही वजह है कि अब मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस कार्रवाई के तरीके को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
SGPC ने भी जताई नाराजगी
मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी **SGPC** के स्तर से भी आपत्ति सामने आई है।
SGPC अध्यक्ष **एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी** की ओर से कार्रवाई की आलोचना करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
सिख संगठनों का कहना है कि धार्मिक परिसर से जुड़े किसी भी मामले में प्रशासन को अतिरिक्त संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
पुलिस का पक्ष—मारपीट के मामले में हुई गिरफ्तारी
दूसरी ओर पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कार्रवाई किसी धार्मिक या राजनीतिक मुद्दे से जुड़ी नहीं, बल्कि दर्ज आपराधिक मामले की जांच का हिस्सा है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी उस मामले में की गई है जिसमें एक व्यक्ति के घर में घुसकर मारपीट किए जाने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेना जांच प्रक्रिया का हिस्सा था और धार्मिक स्थल की मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप सही नहीं है।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं टिम्मा
तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा का नाम इससे पहले भी विभिन्न मामलों और विवादों में सामने आ चुका है।
राजस्थान हाईकोर्ट के एक पुराने मामले में उनके खिलाफ वर्ष 2024 में दर्ज FIR को अदालत ने बाद में रद्द कर दिया था। अदालत ने उस मामले में कार्यवाही जारी रखना प्रक्रिया के दुरुपयोग जैसा माना था।
इस पुराने मामले का वर्तमान गिरफ्तारी से सीधा संबंध स्थापित नहीं होता, लेकिन टिम्मा लंबे समय से सार्वजनिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

