यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की मौत; 20 से ज्यादा ने कूदकर बचाई जान

Greater Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। 20 से ज्यादा यात्रियों ने कूदकर जान बचाई। हादसे की पूरी जानकारी पढ़ें।

यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की मौत; 20 से ज्यादा ने कूदकर बचाई जान

Greater Noida Bus Fire: ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। दयानतपुर गांव के पास एक डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बस के अंदर फंसे 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इंजन की तरफ से शुरू हुई आग, यात्रियों में मची अफरातफरी

जानकारी के मुताबिक बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास चालक को बस के इंजन की तरफ आग लगने का पता चला। इसके बाद चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे खड़ा किया और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई।

आग तेजी से फैलने के कारण बस में अफरातफरी मच गई। 20 से अधिक यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ यात्री अंदर ही फंस गए।

देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद बस से तेज लपटें उठने लगीं। कुछ लोगों ने आग के दौरान बस से पटाखे फूटने जैसी आवाजें आने की बात कही है। हालांकि, पुलिस ने अभी आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच की जा रही है।

पांच घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद भी बस का मलबा और सामान काफी देर तक सुलगता रहा।

बस के अंदर फंसे शवों को निकालने के लिए उसकी बॉडी के अलग-अलग हिस्सों को काटना पड़ा। बरामद शवों और मिले अंगों को कैलाश अस्पताल भेजा गया।

जेवर टोल और इंटरचेंज पर रोका गया ट्रैफिक

आग की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से जेवर टोल और आसपास के इंटरचेंज पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया। रेस्क्यू और आग बुझाने का काम पूरा होने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात फिर से सामान्य किया गया।

सुरक्षित यात्रियों को भेजा गया गंतव्य

हादसे के बाद सुरक्षित बचे यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिलाया गया। इसके बाद प्रशासन ने उनके लिए टेंपो ट्रेवलर की व्यवस्था की और उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना किया।

एक यात्री ने बताया कि वह बस में सो रहा था, तभी किसी ने दरवाजा पीटकर आग की जानकारी दी। धुआं तेजी से फैल रहा था, जिसके चलते यात्रियों को सामान तक लेने का मौका नहीं मिला।

टिकट बुकिंग से मृतकों की पहचान की कोशिश

हादसे में मारे गए यात्रियों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं। मौके पर उनकी पहचान करना मुश्किल है। पुलिस बस की टिकट बुकिंग से यात्रियों की जानकारी जुटाकर उनके परिजनों से संपर्क कर रही है।

मृतकों की पहचान की पुष्टि के लिए परिजनों के डीएनए नमूने लिए जाएंगे और उनका शवों से मिलान कराया जाएगा।

आग कैसे लगी, जांच में जुटी पुलिस

बस में आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आग किस कारण से शुरू हुई और इतनी तेजी से पूरी बस में कैसे फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से पटाखे जैसी आवाज आने की बात कही गई है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।