अमेरिका से जयपुर क्यों आई 28 साल की महिला? ऑनलाइन रिव्यू देख चुना SMS, जनरल वार्ड में कराया ऑपरेशन
जयपुर के SMS अस्पताल में अमेरिका से आई 28 वर्षीय महिला ने पित्त की थैली में पथरी की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कराई। अस्पताल के अनुसार, अमेरिका में करीब 15 हजार डॉलर तक खर्च होने वाली इस सर्जरी का इलाज SMS में लगभग 20 हजार रुपए में हुआ और महिला जनरल वार्ड में रही।
जयपुर का SMS अस्पताल एक बार फिर अपनी कम लागत वाली चिकित्सा सेवाओं को लेकर चर्चा में है। इस बार अमेरिका से आई 28 वर्षीय महिला ने यहां पित्त की थैली में पथरी का इलाज कराया। खास बात यह रही कि महिला ने किसी निजी अस्पताल या महंगे पैकेज का चुनाव करने के बजाय SMS अस्पताल की सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा किया और जनरल वार्ड में रहकर ही अपनी सर्जरी कराई।
महिला की पित्त की थैली में पथरी थी, जिसके लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की गई। SMS अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में डॉ. राजेंद्र बागड़ी और उनकी टीम ने यह ऑपरेशन किया। अस्पताल के अनुसार, जिस सर्जरी पर अमेरिका में करीब 15 हजार डॉलर यानी लगभग 14.35 लाख रुपए तक खर्च हो सकता है, वही प्रक्रिया SMS में करीब 20 हजार रुपए में हुई।
अमेरिका से जयपुर तक पहुंचने की वजह बनी ऑनलाइन रिसर्च
जयपुर आने का फैसला महिला ने अचानक नहीं लिया था। इलाज के लिए भारत आने से पहले उसने SMS अस्पताल और यहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में ऑनलाइन जानकारी जुटाई। अस्पताल और डॉक्टरों के रिव्यू देखने के साथ-साथ उसने इलाज से जुड़ी नीतियों और सरकारी शुल्क की भी जानकारी ली।
जानकारी जुटाने के बाद उसने जयपुर आकर इलाज कराने का फैसला किया। महिला के मुताबिक, यहां ऑपरेशन की लागत करीब 209 डॉलर यानी लगभग 20 हजार रुपए रही।
इलाज, सफर और ठहरने का खर्च भी अमेरिका की सर्जरी से कम
इस मामले में सिर्फ ऑपरेशन की कीमत ही चर्चा का विषय नहीं है। महिला के अनुसार, भारत आने-जाने, जयपुर में ठहरने और इलाज समेत कुल खर्च भी अमेरिका में केवल सर्जरी पर आने वाले अनुमानित खर्च से कम रहा।
यानी अमेरिका में जिस प्रक्रिया के लिए करीब 15 हजार डॉलर तक खर्च होने का अनुमान था, उसके मुकाबले जयपुर में इलाज कराने का विकल्प उसके लिए आर्थिक रूप से काफी अलग साबित हुआ।
हालांकि विदेश से इलाज के लिए आने वाले किसी भी मरीज की वास्तविक कुल लागत यात्रा, ठहरने, जांच, इलाज की प्रकृति और अन्य व्यक्तिगत खर्चों पर निर्भर करती है।
VIP सुविधा नहीं, जनरल वार्ड में ही रही महिला
इस मामले की एक और खास बात यह रही कि अमेरिकी महिला ने SMS अस्पताल में कॉटेज सुविधा लेने के बजाय जनरल वार्ड में रहना चुना। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, महिला का इलाज निर्धारित सरकारी व्यवस्था और शुल्क के तहत किया गया।
ऑपरेशन लैप्रोस्कोपिक तकनीक से किया गया। इस दौरान एनेस्थिसिया टीम से प्रो. सुशील भाटी, डॉ. इंदु, डॉ. कंचन, डॉ. सुनील और अन्य चिकित्सा कर्मी भी शामिल रहे।
SMS में हर साल विदेशों से भी पहुंचते हैं मरीज
SMS अस्पताल के अनुसार, यहां राजस्थान के मरीजों के अलावा देश के दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में हर साल करीब 15 हजार मरीज अन्य राज्यों से पहुंचते हैं, जबकि विदेशों से आने वाले मरीजों की संख्या करीब 100 बताई गई है।
अमेरिकी महिला का मामला इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कम लागत वाली चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी अब इंटरनेट और ऑनलाइन रिव्यू के जरिए विदेशों तक भी पहुंच रही है।
कम कीमत के साथ इलाज की प्रक्रिया बनी आकर्षण
जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज कराने पहुंची इस महिला की कहानी सिर्फ अमेरिका और भारत के इलाज के खर्च के अंतर तक सीमित नहीं है। यह मामला दिखाता है कि मरीज इलाज का फैसला करने से पहले अस्पताल की सुविधाओं, डॉक्टरों के अनुभव, ऑनलाइन फीडबैक और सरकारी नीतियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
इस मामले में 28 वर्षीय अमेरिकी महिला ने भी पहले ऑनलाइन रिसर्च की, फिर जयपुर पहुंचकर सरकारी अस्पताल में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कराई और जनरल वार्ड में रहकर इलाज पूरा कराया। SMS अस्पताल के लिए यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि विदेश से आया मरीज सरकारी अस्पताल की नियमित चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा बना।

