28 से 30 सितंबर तक बैंकिंग सेवाओं पर असर! 3 दिन की हड़ताल का ऐलान, राजस्थान में कल जयपुर छोड़ कई जिलों में प्रदर्शन

UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। जानें 5 डे बैंकिंग की मांग, राजस्थान में प्रदर्शन और बैंक सेवाओं पर संभावित असर।

28 से 30 सितंबर तक बैंकिंग सेवाओं पर असर! 3 दिन की हड़ताल का ऐलान, राजस्थान में कल जयपुर छोड़ कई जिलों में प्रदर्शन
Bank hadtal

देशभर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़ी यूनियनों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिन बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में देशभर के करीब 9 लाख से अधिक बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल होने की बात कही जा रही है। राजस्थान में भी एक लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने का दावा यूनियन की ओर से किया गया है।

बैंक यूनियनों का मुख्य मुद्दा 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने से जुड़ा है। यूनियनों के अनुसार 8 मार्च 2024 को हुए समझौते में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन लंबे समय बाद भी इस व्यवस्था को लागू नहीं किया गया। इसी मुद्दे को लेकर यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद UFBU ने तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला लिया है।

### राजस्थान में 24 सितंबर को शक्ति प्रदर्शन

हड़ताल से पहले राजस्थान में बैंक यूनियनें गुरुवार, 24 सितंबर को प्रदर्शन करेंगी। हालांकि जयपुर में यह प्रदर्शन नहीं होगा। यूनियनों के मुताबिक निकाय चुनाव के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में आचार संहिता लागू थी, जिसके कारण आंदोलन से जुड़े कार्यक्रम प्रभावित हुए थे। अब आचार संहिता हटने के बाद जयपुर को छोड़कर प्रदेश के प्रमुख जिला केंद्रों पर प्रदर्शन किया जाएगा।

जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, अलवर और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में बैंक कर्मचारी और अधिकारी प्रदर्शन में शामिल होंगे। यूनियनों ने अपने सभी घटक संगठनों से अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।

### 9 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के शामिल होने का दावा

राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन के सचिव टी.सी. झालानी के अनुसार प्रदेश में एक लाख से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। वहीं देशभर में यह संख्या करीब 9 लाख से ज्यादा बताई गई है। हड़ताल में UFBU से जुड़े विभिन्न बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठन हिस्सा लेंगे।

यूनियनों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन की सांकेतिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि 28 से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। ऐसे में हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।

### प्रोबेशन और ट्रेनिंग वाले कर्मचारी भी होंगे शामिल

UFBU की ओर से जारी निर्देशों में हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। यूनियन के अनुसार प्रोबेशन पर काम कर रहे कर्मचारी और अधिकारी भी हड़ताल में हिस्सा ले सकते हैं। यूनियन का दावा है कि हड़ताल में शामिल होने की वजह से उनके इंक्रीमेंट पर असर नहीं पड़ेगा।

इसके अलावा ट्रेनिंग में शामिल कर्मचारियों और कैश कलेक्शन जैसे कार्यों से जुड़े कर्मचारियों को भी हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। यूनियनों ने कहा है कि अलग-अलग कर्मचारियों को बैंक प्रबंधन को हड़ताल में शामिल होने या नहीं होने के संबंध में अलग से पत्र देने की आवश्यकता नहीं है।

### कार्रवाई होने पर उचित मंच पर चुनौती देने की बात

यूनियनों ने अपने सदस्यों को यह भी निर्देश दिया है कि हड़ताल के दौरान यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो मामले को उचित मंच पर चुनौती दी जाएगी। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर लंबे समय से चर्चा चल रही है, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है।

तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल के चलते 28 से 30 सितंबर के बीच बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति अलग-अलग बैंकों और सेवाओं के आधार पर प्रभावित हो सकती है।