Bundi News: चुनाव चिह्न को लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों का हंगामा, ‘चप्पल’ मिलने पर कलेक्ट्रेट में नारेबाजी

बूंदी नगर निकाय चुनाव में ‘चप्पल’ चुनाव चिह्न मिलने से नाराज निर्दलीय प्रत्याशियों ने जिला कलेक्ट्रेट में हंगामा और नारेबाजी की। जिले के 230 वार्डों में 211 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि बूंदी नगर परिषद के 60 वार्डों में 91 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

Bundi News: चुनाव चिह्न को लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों का हंगामा, ‘चप्पल’ मिलने पर कलेक्ट्रेट में नारेबाजी

नगर निकाय चुनाव में नाम वापसी के बाद अब प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। चुनाव चिह्न आवंटित होने के साथ ही सभी प्रत्याशी प्रचार अभियान में जुट गए हैं। इसी बीच शुक्रवार को बूंदी जिला कलेक्ट्रेट में चुनाव चिह्न को लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा किया।

‘चप्पल’ चुनाव चिह्न मिलने पर जताई नाराजगी

कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों को आवंटित किए गए चुनाव चिह्नों में ‘चप्पल’ शामिल होने पर उन्होंने आपत्ति जताई। प्रत्याशियों का कहना था कि चुनाव चिह्न के लिए उन्होंने अपनी पसंद के तीन चिह्नों का पैनल दिया था, लेकिन उनमें से कोई भी चिह्न उन्हें आवंटित नहीं किया गया।

प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि उनकी पसंद जाने बिना उन्हें ‘चप्पल’ चुनाव चिह्न दे दिया गया। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र में उनकी छवि प्रभावित हो सकती है। इसी को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराई।

कलेक्टर चेंबर के बाहर भी पहुंचे प्रत्याशी

मामला बढ़ने पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते वे कलेक्टर चेंबर के बाहर भी पहुंच गए। हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

230 वार्डों में 211 प्रत्याशी मैदान में

चुनाव चिह्न आवंटित होने के साथ ही बूंदी जिले में निकाय चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। जिले की 8 नगर निकायों के 230 वार्डों में 211 दावेदार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 19 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति है, जबकि 14 वार्डों में सीधा मुकाबला है।

बूंदी नगर परिषद में 91 निर्दलीय प्रत्याशी

बूंदी नगर परिषद के 60 वार्डों में 91 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के सामने मुकाबले को रोचक बना रहे हैं।

चुनाव चिह्न मिलने के बाद अब सभी प्रत्याशियों का फोकस प्रचार अभियान पर रहेगा। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी मतदाताओं के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के साथ बूंदी की सियासत और गरमाने के आसार हैं।