नेपाल बाढ़ में 9 दिन बाद जगी उम्मीद: सुरंग से जिंदा निकले 2 मजदूर, अब भी 40 लोगों के फंसे होने की आशंका
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के करीब 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाला गया। संजय साह और कबीर महर्जन के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद सुरंग में फंसे अन्य लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने राहत और बचाव अभियान में नई उम्मीद जगा दी है। बाढ़ के करीब 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाला गया है। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
बचाए गए मजदूरों की पहचान **संजय साह** और **कबीर महर्जन** के रूप में हुई है। दोनों के जिंदा मिलने के बाद अब सुरंग में फंसे अन्य लोगों को लेकर भी उम्मीद बढ़ गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाढ़ के बाद इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में कुल 42 कर्मचारी और मजदूर फंस गए थे। दो लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद अब करीब 40 अन्य लोगों के भीतर फंसे होने की आशंका के आधार पर तलाशी और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
सुरंग के अंदर से सुनाई दी इंसानी आवाज
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के भीतर से इंसानी आवाज सुनाई देने की सूचना ने बचाव दलों को और सतर्क कर दिया। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमों ने सुरंग के भीतर गहन तलाशी शुरू की।
अंधेरे और मुश्किल हालात के बीच बचावकर्मी लगातार सुरंग के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। टीमों का मुख्य फोकस अब उन संभावित स्थानों की जांच करना है, जहां बाढ़ के बाद लोग फंसे हो सकते हैं।
दो मजदूरों का 9 दिन बाद जीवित मिलना रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। साथ ही इसने सुरंग के भीतर मौजूद अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने की उम्मीद भी मजबूत की है।
42 लोगों के फंसने की सामने आई थी जानकारी
बाढ़ के बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से 42 कर्मचारियों और मजदूरों के संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई थी। इतने लंबे समय के बाद दो लोगों के जीवित मिलने से बचाव अभियान को नई दिशा मिली है।
अब रेस्क्यू टीम सुरंग के भीतर हर संभावित जगह की जांच कर रही है। सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवान संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। हालांकि, सुरंग के भीतर की स्थिति और बाढ़ से हुए नुकसान के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बाढ़ ने नेपाल में मचाई भारी तबाही
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के कारण अब तक **1,282 लोगों की मौत** हो चुकी है, जबकि **5,300 से ज्यादा लोग लापता** बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव एजेंसियों ने अब तक **12,038 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है**। प्रभावित इलाकों में अब भी राहत और बचाव कार्य जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों का जीवित मिलना इस बड़े बचाव अभियान की सबसे अहम खबरों में से एक है। अब सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं कि क्या सुरंग के भीतर फंसे अन्य लोगों तक भी बचाव दल पहुंच पाएंगे।
फिलहाल, रेस्क्यू टीमों ने तलाशी अभियान जारी रखा है और सुरंग के भीतर से मिलने वाले हर संकेत की गंभीरता से जांच की जा रही है। 9 दिन बाद दो जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकालने की इस सफलता ने मुश्किल हालात के बीच उम्मीद जरूर बढ़ा दी है।

