‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’, सिंधु जल संधि पर MJ अकबर ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

एमजे अकबर ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद और पानी के मुद्दे को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। सिंधु जल संधि और भारत-पाक तनाव पर जानें उनका बयान।

‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’, सिंधु जल संधि पर MJ अकबर ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पूर्व विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। शुक्रवार, 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए बयान में अकबर ने कहा कि आतंकवाद और पानी के मुद्दे को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता।

एमजे अकबर ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सिंधु नदी के पानी की एक-एक बूंद को लेकर चिंता जताते हैं और इसे अपनी रेड लाइन बताते हैं। इसके जवाब में भारत की प्राथमिकता आतंकवाद के कारण बहाए गए भारतीय नागरिकों के खून की हर बूंद के लिए जवाबदेही तय करना है।

उन्होंने कहा कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते” और पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जवाब देना होगा।

मौलाना फजलुर रहमान के बयान का किया जिक्र

एमजे अकबर ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति का जिक्र करते हुए जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के कथित बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए वहां के नेताओं के बयानों पर भी ध्यान देना चाहिए।

अकबर ने पाकिस्तान सरकार और सैन्य नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को लेकर तीखी टिप्पणी की है।

बलूचिस्तान को लेकर अकबर ने किया बड़ा दावा

पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान का बड़ा हिस्सा इस्लामाबाद के प्रभावी नियंत्रण से बाहर है।

अकबर ने कहा कि पाकिस्तान की वास्तविक स्थिति केवल बाहरी दुनिया ही नहीं, बल्कि वहां के लोग भी जानते हैं। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान की सेना पर कथित दमन का आरोप लगाया।

पाकिस्तान के भविष्य पर भी साधा निशाना

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के दिन दिए अपने बयान में एमजे अकबर ने पड़ोसी देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार अस्थिरता की ओर बढ़ रहा है।

अकबर ने अपनी किताब में इस्तेमाल किए गए ‘जेली स्टेट’ के संदर्भ का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को ऐसा देश बताया, जो न तो पूरी तरह स्थिर दिखाई देता है और न ही पूरी तरह खत्म होने की स्थिति में है।

उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को वहां के आम नागरिक भी समझ रहे हैं और देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है।

सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव

सिंधु जल संधि लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे का प्रमुख आधार रही है। हालांकि आतंकवाद और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह समझौता भी राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

एमजे अकबर का ताजा बयान इसी व्यापक भारत-पाकिस्तान विवाद के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद और जल संबंधी मुद्दों पर भारत के रुख को गंभीरता से लेने की नसीहत दी।