6 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, नंदीग्राम फिर बना सियासी हॉटस्पॉट; क्या ममता बनर्जी लेंगी दोबारा एंट्री?

चुनाव आयोग ने चार राज्यों की 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। इनमें पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट भी शामिल है, जहां ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने को लेकर सियासी चर्चा तेज है।

6 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, नंदीग्राम फिर बना सियासी हॉटस्पॉट; क्या ममता बनर्जी लेंगी दोबारा एंट्री?

देश की सियासत में एक बार फिर उपचुनाव का दौर शुरू होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने चार राज्यों की **6 विधानसभा सीटों** पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन सीटों पर **6 अक्टूबर को मतदान** होगा, जबकि **9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।**

इन छह सीटों में पश्चिम बंगाल की **नंदीग्राम विधानसभा सीट** भी शामिल है। यही वह सीट है, जिसने 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच हुए बेहद चर्चित मुकाबले के कारण राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान खींचा था।

 नंदीग्राम खाली होने से बढ़ी सियासी हलचल

नंदीग्राम सीट सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने **नंदीग्राम और भवानीपुर**, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिससे यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।

अब उपचुनाव की घोषणा के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम के मैदान में उतरेंगी?

### 2021 की हार का हिसाब बराबर करने का मौका?

नंदीग्राम का नाम आते ही 2021 का चुनाव याद आता है। उस चुनाव में ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही नंदीग्राम दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव का प्रतीक बन गया।

ऐसे में अगर ममता बनर्जी इस उपचुनाव में उतरती हैं तो मुकाबला सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रहेगा, बल्कि इसे पुराने राजनीतिक मुकाबले के नए अध्याय के तौर पर भी देखा जा सकता है।

### क्या TMC बदलेगी उम्मीदवार की रणनीति?

फिलहाल ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने को लेकर कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है। लेकिन उपचुनाव की तारीख सामने आने के बाद इस चर्चा ने जरूर जोर पकड़ लिया है।

TMC के लिए भी यह सीट रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण होगी। वहीं बीजेपी के सामने नंदीग्राम में अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती होगी। ऐसे में उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

6 अक्टूबर को वोट, 9 अक्टूबर को फैसला

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक चार राज्यों की छह सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।

अब नजर न सिर्फ इन छह सीटों के चुनावी नतीजों पर रहेगी, बल्कि खास तौर पर **नंदीग्राम में कौन मैदान में उतरता है**, इस पर भी टिकी रहेगी।

अगर ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो यह उपचुनाव बंगाल की राजनीति में एक बड़े सियासी मुकाबले में बदल सकता है।