Rajasthan Expressway: राजस्थान में बनेगा 277 KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 210 गांवों की जमीन होगी अवाप्त

राजस्थान में भरतपुर-ब्यावर 277 किलोमीटर लंबे 4 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 8,656 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना से फागी से राजस्थान-उत्तर प्रदेश सीमा तक सफर 7 घंटे से घटकर करीब 2.5 से 3 घंटे होने का अनुमान है।

Rajasthan Expressway: राजस्थान में बनेगा 277 KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 210 गांवों की जमीन होगी अवाप्त

राजस्थान में पूर्व से पश्चिमी हिस्से के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भरतपुर-ब्यावर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 277 किलोमीटर लंबा 4 लेन एक्सप्रेस-वे जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और भरतपुर जिलों से होकर गुजरेगा।

परियोजना के लिए करीब 210 गांवों के 10,890 खसरों की लगभग 2,600 हेक्टेयर जमीन अवाप्त किए जाने का प्रस्ताव है। एक्सप्रेस-वे जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र के ग्राम झाग से शुरू होकर भरतपुर में एनएच-21 स्थित ऊंचा नगला तक पहुंचेगा।

7 घंटे का सफर घटकर 3 घंटे तक होने का अनुमान

इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद फागी से राजस्थान-उत्तर प्रदेश सीमा के बीच यात्रा का समय करीब 7 घंटे से घटकर 2.5 से 3 घंटे रहने का अनुमान है।

भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे को एक्सेस कंट्रोल्ड बनाया जाएगा। इस पर वाहनों की अधिकतम निर्धारित गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का प्रस्ताव है।

परियोजना के निर्माण पर करीब 8,656 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें लगभग 5,231 करोड़ रुपये सिविल कार्य और 2,640 करोड़ रुपये भूमि अवाप्ति पर खर्च किए जाने की बात कही गई है। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर लागत करीब 31.55 करोड़ रुपये आंकी गई है।

30 पुल, 4 ROB और 179 अंडरपास बनेंगे

प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे। परियोजना में करीब:

30 छोटे-बड़े पुल

4 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)

7 फ्लाईओवर

10 इंटरचेंज

179 छोटे-बड़े अंडरपास

बनाने का प्रस्ताव है।

यह एक्सप्रेस-वे ब्यावर-किशनगढ़ क्षेत्र को भरतपुर से जोड़ने के साथ अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे, NH-448 और NH-21 के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद करेगा। इससे एनएच-48 और एनएच-21 पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने की उम्मीद है।

करौली में 58.8 KM लंबा होगा एक्सप्रेस-वे

करौली जिले में एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 58.8 किलोमीटर होगी। यहां करौली, नादौती, हिंडौन, श्रीमहावीरजी और सूरौठ तहसीलों के 49 गांवों की जमीन परियोजना के लिए ली जाएगी।

दिए गए विवरण के अनुसार, इन गांवों में 2,256 खसरों की 637.64 हेक्टेयर निजी और 35.42 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल है। परियोजना से करीब 26,539 परिवारों के 1,06,156 लोग प्रभावित होने का अनुमान है। इसके अलावा करीब 7,122 पेड़ों की कटाई भी प्रस्तावित है।

परियोजना को लेकर करौली जिले के लिए अंतिम सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट जारी होने की जानकारी दी गई है।

करीब 90 मीटर चौड़ा होगा कॉरिडोर

भरतपुर-ब्यावर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का कॉरिडोर करीब 90 मीटर चौड़ा होने का प्रस्ताव है। इसकी ऊंचाई अलग-अलग हिस्सों में करीब 2.5 से 7 मीटर तक रह सकती है।

व्यापार, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा फायदा

नए एक्सप्रेस-वे से राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच माल और यात्री परिवहन के लिए एक वैकल्पिक तेज मार्ग उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और भरतपुर जैसे जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।

बेहतर सड़क संपर्क से लॉजिस्टिक्स, उद्योग, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। किसानों के लिए भी कृषि उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान हो सकता है। इसके अलावा मौजूदा सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव कम होने से सफर अधिक सुगम होने की संभावना है।