Goat Farming Subsidy: बकरी पालन शुरू करने पर सरकार देगी 50% तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका
बिहार में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए पात्र किसानों और पशुपालकों को यूनिट स्थापित करने पर अनुदान का प्रावधान है। योजना के तहत कुछ मामलों में 50 से 60 फीसदी तक सब्सिडी बताई गई है, हालांकि वास्तविक सहायता योजना के नियमों और स्वीकृत लागत पर निर्भर करेगी।
गांव या छोटे शहरों में रहने वाले किसानों के लिए खेती के साथ पशुपालन भी कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बन सकता है। खासकर बकरी पालन को कम स्तर से शुरू करके धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। इसी को देखते हुए सरकार की ओर से पशुपालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं।
बिहार के सीतामढ़ी समेत कई जिलों में पशुपालन विभाग के माध्यम से बकरी पालन से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों और पशुपालकों को दिया जाता है। योजना के तहत फार्म यूनिट स्थापित करने के लिए अनुदान का प्रावधान है। हालांकि, सब्सिडी की वास्तविक राशि, पात्रता और यूनिट की लागत संबंधित योजना और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होती है।
क्या है बकरी पालन योजना?
बकरी पालन से जुड़ी सरकारी योजना का उद्देश्य छोटे किसानों, पशुपालकों और स्वरोजगार शुरू करने वाले लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत अलग-अलग क्षमता वाली बकरी पालन यूनिट स्थापित करने का प्रावधान हो सकता है।
दिए गए विवरण के अनुसार, 20 बकरियों के साथ 1 बकरा या 40 बकरियों के साथ 2 बकरे जैसी यूनिट के लिए सहायता का प्रावधान बताया गया है। योजना के तहत परियोजना लागत का एक हिस्सा सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिया जाता है।
कुछ श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए अनुदान की दर सामान्य लाभार्थियों से अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित जिले के पशुपालन विभाग से मौजूदा नियम और पात्रता जरूर जांच लें।
कितनी मिल सकती है सब्सिडी?
दिए गए विवरण के मुताबिक, सामान्य श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 50 फीसदी तक अनुदान मिलने की बात कही गई है। वहीं कुछ आरक्षित श्रेणियों के लिए यह सहायता 60 फीसदी तक बताई गई है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी स्वीकृत परियोजना की लागत 2 लाख रुपये है और उस पर 50 फीसदी अनुदान लागू होता है, तो पात्र लाभार्थी को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। बाकी राशि लाभार्थी को स्वयं या उपलब्ध बैंक ऋण व्यवस्था के जरिए जुटानी पड़ सकती है।
ध्यान दें: वास्तविक अनुदान परियोजना की स्वीकृत लागत, लाभार्थी की श्रेणी, योजना के नियम और विभागीय मंजूरी पर निर्भर करेगा।
आवेदन करने की प्रक्रिया
बकरी पालन योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति को संबंधित पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होता है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखे जाने का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और बिचौलियों की भूमिका को कम करना है।
आवेदन के दौरान आमतौर पर कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है, जिनमें:
आधार कार्ड
पैन कार्ड
बैंक पासबुक
जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
निवास प्रमाण पत्र
जमीन से जुड़े दस्तावेज
लीज एग्रीमेंट, यदि जमीन लीज पर है
शामिल हो सकते हैं।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
योजना के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशुपालन विभाग से यूनिट की लागत, सब्सिडी प्रतिशत, पात्रता, आवेदन की अंतिम तिथि और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
साथ ही, किसी व्यक्ति को सब्सिडी दिलाने के नाम पर पैसे देने से बचें और केवल आधिकारिक माध्यम से ही आवेदन करें।

