सत्य निकेतन हादसे में मौत का आंकड़ा 6 पहुंचा, मलबे में अब भी तलाश; डॉग स्क्वॉड की मदद से रेस्क्यू जारी
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है, जबकि 8 लोग घायल हैं। NDRF की टीमें डॉग स्क्वॉड के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं और निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर **6 हो गया है।** रविवार को हुए हादसे के बाद रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार सुबह भी जारी है। NDRF की टीमें डॉग स्क्वॉड की मदद से मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।
हादसे के करीब 13 घंटे बाद रात **2:30 बजे मलबे से एक और शव बरामद** किया गया। इससे पहले हादसे में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। वहीं **8 लोग घायल** बताए जा रहे हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मलबे में जिंदगी की तलाश जारी
रेस्क्यू टीमों ने मलबे की तलाशी के लिए डॉग स्क्वॉड को लगाया है। टीमों की कोशिश है कि मलबे के नीचे अगर कोई व्यक्ति फंसा है तो उसे जल्द से जल्द खोजकर बाहर निकाला जा सके।
रेस्क्यू अभियान में NDRF के साथ पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं। मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि तलाशी अभियान के दौरान किसी संभावित फंसे व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
इमारत को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद इमारत की स्थिति और निर्माण से जुड़े नियमों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक इमारत में कथित तौर पर बिना अनुमति निर्माण या बदलाव किए जाने की बात जांच के दायरे में है।
अब प्रशासन हादसे की वजह और इमारत से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पांच मंजिला इमारत के अचानक ढहने की मुख्य वजह क्या रही।
छात्रों के फंसे होने की आशंका
घटना के बाद ऐसी जानकारी सामने आई थी कि इमारत में PG के तौर पर रहने वाले कुछ छात्र भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोगों की ओर से अंदर लोगों के मौजूद होने की जानकारी मिलने की बात कही गई थी।
फिलहाल रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान मलबे की तलाशी और संभावित फंसे लोगों तक पहुंचने पर है।
अब तक की स्थिति
* **मृतकों की संख्या:** 6
* **घायल:** 8
* **रेस्क्यू ऑपरेशन:** लगातार जारी
* **सर्च में डॉग स्क्वॉड:** तैनात
* **मुख्य एजेंसियां:** NDRF, दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड
* **जांच:** इमारत की स्थिति और निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच जारी
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को पूरी तरह जांचना और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना है।

