संसद परिसर में प्रियंका गांधी और BJP सांसद आमने-सामने, राहुल गांधी को लेकर नारेबाजी पर दिया जवाब
संसद परिसर में BJP सांसद मुकेश दलाल ने राहुल गांधी को लेकर नारे लगाए। प्रियंका गांधी ने जवाब दिया कि राहुल झारखंड के छात्रों से मिले थे। जानें संसद में क्यों बढ़ा सियासी टकराव।
संसद के मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह में सरकार और विपक्ष के बीच जारी सियासी टकराव मंगलवार को संसद भवन के बाहर भी नजर आया। संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और बीजेपी सांसद मुकेश दलाल आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी और झारखंड के छात्रों के मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली।
बीजेपी सांसदों ने झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाते हुए विपक्ष को घेरा। इसी दौरान राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए गए। वहां से गुजर रहीं प्रियंका गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिले थे। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं।
'राहुल गांधी शर्म करो' के नारों के बीच पहुंचीं प्रियंका गांधी
संसद परिसर में बीजेपी और एनडीए से जुड़े सांसद झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सांसदों के हाथों में पोस्टर भी दिखाई दिए, जिनके जरिए राहुल गांधी से इस मुद्दे पर जवाब मांगा जा रहा था।
इसी दौरान प्रियंका गांधी संसद की ओर जा रही थीं। बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने उनके सामने 'राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो' के नारे लगाए।
नारेबाजी सुनने के बाद प्रियंका गांधी रुकीं और उन्होंने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वह झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं। संक्षिप्त प्रतिक्रिया देने के बाद प्रियंका आगे बढ़ गईं।
मुकेश दलाल ने पूछा- राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए?
इस घटनाक्रम के बाद बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी झारखंड कब गए और वे वहां जाकर छात्रों के मुद्दे को क्यों नहीं उठा रहे हैं।
दलाल ने विपक्ष के अन्य नेताओं पर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि झारखंड में छात्रों के साथ हुई घटना को लेकर विपक्ष के बड़े नेता राज्य का दौरा क्यों नहीं कर रहे हैं।
बीजेपी इस पूरे मामले के जरिए कांग्रेस और विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रही है।
झारखंड के छात्र आंदोलन की संसद तक पहुंची सियासी तपिश
दरअसल, JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में सुधार, विवादित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई और कथित गड़बड़ियों की जांच जैसी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे हैं।
विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद मामला और गरमा गया। छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग के साथ वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। बाद में लाठीचार्ज की स्थिति भी बनी।
इसके बाद बीजेपी ने झारखंड सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी नेताओं को भी घेरना शुरू कर दिया। अब यही मुद्दा संसद परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी तक पहुंच गया है।
संसद में पहले से जारी है सरकार-विपक्ष का गतिरोध
झारखंड का मुद्दा ऐसे समय में संसद पहुंचा है, जब मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच पहले से कई मुद्दों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
विपक्ष दिल्ली में Gen Z आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे से जुड़े कथित मामले को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है।
लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि गृह मंत्री जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को चर्चा में शामिल होकर सरकार का पक्ष भी सुनना होगा।
इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है।
विपक्ष को झारखंड के मुद्दे पर घेर रही BJP
अब बीजेपी ने रणनीतिक रूप से झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को भी संसद की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
बीजेपी नेताओं का सवाल है कि जब विपक्ष दूसरे राज्यों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाब मांगता है, तो झारखंड के छात्रों के मामले में उसके प्रमुख नेता उतनी मुखरता क्यों नहीं दिखा रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन और मार्च किया। सांसदों ने पोस्टर के जरिए राहुल गांधी से जवाब मांगा और झारखंड की घटना पर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए।
प्रियंका गांधी का पलटवार- पहली बार सरकार के सांसदों को प्रदर्शन करते देखा
एनडीए सांसदों के प्रदर्शन पर प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी पर राजनीतिक तंज कसा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार सरकार के सांसदों को इस तरह प्रदर्शन करते देखा है। प्रियंका ने इसे विपक्ष के दबाव से जोड़ते हुए कहा कि कम से कम सरकार के सांसदों को प्रदर्शन करने के लिए तो मजबूर किया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने सरकार से सदन में आने और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की मांग दोहराई।
संसद के अंदर और बाहर बढ़ी सियासी तनातनी
मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में संसद के अंदर चल रहा राजनीतिक टकराव अब संसद परिसर में होने वाले प्रदर्शनों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
एक तरफ विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
ऐसे में प्रियंका गांधी और मुकेश दलाल के बीच हुई यह संक्षिप्त बहस सिर्फ नारेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच चल रही उस राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से जवाब मांग रहे हैं।

