जयपुर को आज मिलेगा नया मेयर: सुनीता मावर बनाम सुनील कोठारी, एक कोठारी को हराया था… अब दूसरे से सीधा मुकाबला
जयपुर मेयर चुनाव 2026 में भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर आमने-सामने हैं। 25 सितंबर को 150 पार्षद मतदान करेंगे।
जयपुर नगर निगम को शुक्रवार को नया मेयर मिलने जा रहा है। मेयर पद के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर आमने-सामने हैं। कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों में से दो के नाम वापस लेने के बाद अब मुकाबला सीधे दो प्रत्याशियों के बीच रह गया है। खास बात यह है कि सुनीता मावर कुछ ही दिन पहले नगर निगम चुनाव में भाजपा के विकास कोठारी को शिकस्त दे चुकी हैं। अब मेयर की कुर्सी के लिए उनका सामना विकास कोठारी के चाचा और भाजपा प्रत्याशी सुनील कोठारी से होगा।
जयपुर नगर निगम में कुल 150 पार्षद हैं। इनमें भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद हैं। ऐसे में मेयर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी चर्चा में है। भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि पार्टी से जुड़े अधिकांश निर्दलीय और बागी पार्षदों को साथ ले लिया गया है और वे पार्टी के संपर्क में हैं।
वार्ड चुनाव में भतीजे को हराया, अब चाचा के सामने
मेयर चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू सुनीता मावर और कोठारी परिवार के बीच बना राजनीतिक मुकाबला है। नगर निगम चुनाव में आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 118 से कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मावर ने भाजपा के विकास कोठारी को 676 वोट से हराया था। विकास कोठारी, भाजपा के मेयर प्रत्याशी सुनील कोठारी के भतीजे हैं।
अब वही मावर मेयर की कुर्सी के लिए विकास के चाचा सुनील कोठारी के सामने हैं। यानी कुछ ही दिनों के भीतर मुकाबले का चेहरा बदल गया है, लेकिन कोठारी परिवार और मावर के बीच चुनावी टकराव का सिलसिला जारी है।
सुनील कोठारी के सामने संगठन और निगम अनुभव
भाजपा प्रत्याशी सुनील कोठारी को नगर निगम और संगठन दोनों स्तरों पर काम करने का अनुभव है। वे भाजपा के शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। मेयर चुनाव में पार्टी ने उन्हें मैदान में उतारा है और भाजपा खेमे की रणनीति अपने पार्षदों को एकजुट रखने पर केंद्रित है।
दूसरी ओर कांग्रेस की सुनीता मावर लंबे समय से नगर निगम की राजनीति में सक्रिय हैं। करीब 22 वर्षों से निगम से जुड़ी मावर 2004 से लगातार पार्षद का चुनाव जीतती रही हैं। उन्होंने निगम की कई महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में मेयर चुनाव में दोनों प्रत्याशियों के सामने अपने-अपने राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव को वोट में बदलने की चुनौती है।
150 पार्षदों में किसका कितना आंकड़ा?
जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 57 पार्षद हैं। 15 पार्षद निर्दलीय हैं। इनमें कई ऐसे चेहरे भी हैं जो पहले भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन चुनाव में टिकट नहीं मिलने या अन्य कारणों से निर्दलीय मैदान में उतरे थे।
भाजपा की ओर से दावा किया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर पार्षदों को वापस साथ ले लिया गया है। भाजपा पार्षदों की बाड़ाबंदी भी की गई थी। पहले पार्षदों को पुष्कर में रखा गया और गुरुवार देर रात उन्हें बगरू क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट किया गया।
चार बसों से निगम मुख्यालय पहुंचेंगे पार्षद
मेयर चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह भाजपा पार्षदों को निगम मुख्यालय लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच पार्षद मतदान करेंगे। इसके लिए चार बसों की व्यवस्था की गई है।
मेयर चुनाव के बाद शनिवार को डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया होगी। इसके लिए भी भाजपा के भीतर संभावित नामों को लेकर चर्चा जारी है।
डिप्टी मेयर के लिए सामाजिक समीकरण पर फोकस
डिप्टी मेयर पद के लिए भाजपा परकोटे के बाहर के पार्षदों के नामों पर विचार कर रही है। सांगानेर, विद्याधर नगर, सिविल लाइंस और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्रों से आने वाले पार्षदों में से संभावित चेहरे तलाशे जा रहे हैं।
माली समाज से विद्याधर नगर के वार्ड 12 के पार्षद राजेंद्र सैनी और मालवीय नगर के वार्ड 81 से पार्षद तथा शहर भाजपा उपाध्यक्ष ब्रह्म कुमार सैनी का नाम चर्चा में बताया जा रहा है। राजेंद्र सैनी की पत्नी रश्मि सैनी को पहले ग्रेटर नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था, हालांकि उस चुनाव की प्रक्रिया पर कोर्ट से रोक लग गई थी।
वहीं राजपूत समाज से सांगानेर के वार्ड 47 की पार्षद दीपा नाथावत और सिविल लाइंस के वार्ड 89 से पार्षद भवानी राजावत के नाम भी चर्चा में हैं। दीपा नाथावत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र से आती हैं, जबकि भवानी राजावत को वरिष्ठ पार्षद और संगठन में सक्रिय चेहरे के तौर पर देखा जाता है।
फिलहाल मेयर चुनाव का मुकाबला सुनीता मावर और सुनील कोठारी के बीच है। शुक्रवार को मतदान के साथ यह साफ हो जाएगा कि जयपुर नगर निगम की नई कमान किसके हाथ में जाती है। इसके अगले दिन डिप्टी मेयर चुनाव के साथ निगम की नई राजनीतिक टीम का दूसरा अहम चेहरा भी सामने आ जाएगा।

