जोधपुर में आज मेयर की कुर्सी का फैसला: मेहता-सोलंकी आमने-सामने, 100 पार्षद करेंगे वोट; निर्दलीयों पर टिकी निगाहें
जोधपुर मेयर चुनाव 2026 में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी आमने-सामने हैं। 100 पार्षदों में 51 वोट बहुमत के लिए जरूरी हैं।
जोधपुर नगर निगम को आज नया मेयर मिलने जा रहा है। महापौर पद के लिए भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए पिछले कुछ दिनों से बाड़ेबंदी कर रखी है। कांग्रेस के पार्षदों को पुष्कर ले जाया गया था, जहां बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनसे मुलाकात की थी। अब कांग्रेस पार्षद पुष्कर से जोधपुर के लिए रवाना हो चुके हैं और मतदान से पहले उन्हें शहर के आसपास किसी रिसॉर्ट में ठहराए जाने की जानकारी सामने आई है।
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में चुनाव के बाद भाजपा के 45, कांग्रेस के 44, निर्दलीय 10 और आरएलपी का एक पार्षद है। मेयर चुनने के लिए 51 वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है और निर्दलीय तथा आरएलपी पार्षदों के रुख पर खास नजर रहेगी।
सुबह 10 बजे शुरू होगी वोटिंग
महापौर चुनाव के लिए आज सुबह 10 बजे नगर निगम में मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। पार्षद मतदान के जरिए मेयर का चुनाव करेंगे और वोटिंग पूरी होने के बाद मतगणना की जाएगी। इसके बाद आज ही नए मेयर के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम सहित कुछ निकायों के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की थी।
भाजपा के मेहता, कांग्रेस के सोलंकी
भाजपा ने वार्ड 82 से निर्वाचित प्रसन्नचंद मेहता को मेयर प्रत्याशी बनाया है। मेहता लंबे समय से संगठन की राजनीति से जुड़े रहे हैं और भाजपा में जिलाध्यक्ष तथा प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हालिया नगर निगम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद परिहार को हराकर वार्ड 82 से जीत दर्ज की।
वहीं कांग्रेस ने राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। सोलंकी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं और जोधपुर विकास प्राधिकरण तथा यूआईटी से जुड़े पदों पर रह चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर युवा कांग्रेस से शुरू हुआ था। इस बार कांग्रेस ने उन्हें मेयर पद के लिए मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले को सीधे दो प्रमुख चेहरों के बीच कर दिया है।
बाड़ेबंदी के बीच आज सामने आएगा फैसला
मेयर चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की। भाजपा के पार्षदों को जोधपुर के आसपास एक रिसॉर्ट में रखा गया है, जबकि कांग्रेस के पार्षदों को पहले पुष्कर ले जाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बुधवार को कांग्रेस पार्षदों से मुलाकात के बाद अब उन्हें जोधपुर वापस लाया जा रहा है।
इस बीच भाजपा ने सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। यदि यह समर्थन कायम रहता है तो भाजपा का आंकड़ा 52 तक पहुंचता है, जो बहुमत के लिए जरूरी 51 से अधिक है। हालांकि मतदान होने तक अंतिम स्थिति पार्षदों के वोट से ही स्पष्ट होगी।
चुनाव से पहले प्रशासन भी अलर्ट
मेयर चुनाव को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने भी निगम परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया निगम पहुंचे और अधिकारियों के साथ सुरक्षा तथा मतदान व्यवस्था की समीक्षा की। निगम आयुक्त राहुल जैन भी इस दौरान मौजूद रहे।
पुलिस की ओर से निगम परिसर और आसपास तैनाती, प्रवेश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर तैयारी की गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
आज तय होगी जोधपुर निगम की नई राजनीतिक कमान
जोधपुर के मेयर चुनाव में एक तरफ भाजपा के संगठन से जुड़े अनुभवी नेता प्रसन्नचंद मेहता हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी राजेंद्र सोलंकी को मैदान में उतारा है। निगम में भाजपा और कांग्रेस के बीच सिर्फ एक सीट का अंतर है, जबकि निर्दलीय और आरएलपी के पार्षदों के समर्थन ने चुनाव को महत्वपूर्ण बना दिया है। अब आज होने वाली वोटिंग के बाद यह साफ हो जाएगा कि जोधपुर नगर निगम की अगली कमान किसके हाथ में जाती है।

