BRICS Summit 2026: दूसरे दिन PM मोदी की 7 द्विपक्षीय बैठकें, जानें पूरा शेड्यूल

BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के नेताओं के साथ सात द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जबकि भारत मंडपम में BRICS पार्टनर और आमंत्रित देशों के नेता जुटेंगे।

BRICS Summit 2026: दूसरे दिन PM मोदी की 7 द्विपक्षीय बैठकें, जानें पूरा शेड्यूल

BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS के सदस्य देशों के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता जुटेंगे। सम्मेलन के दौरान वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

सुबह से शुरू होगा कार्यक्रम

आज सुबह 9:55 बजे भारत मंडपम के लेवल-2 पर BRICS के पार्टनर और आमंत्रित देशों के नेताओं एवं मंत्रियों का आगमन होगा। इसके बाद सुबह 10 बजे फैमिली फोटो का कार्यक्रम निर्धारित है।

सुबह 10:50 बजे 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth' विषय पर ओपन सेशन होगा।

PM मोदी की 7 द्विपक्षीय बैठकें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे दिन कुल सात द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। उनका कार्यक्रम इस प्रकार है:

दोपहर 2:30 बजे: कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव से मुलाकात।

दोपहर 3:00 बजे: फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से बैठक।

दोपहर 3:30 बजे: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात।

शाम 4:10 बजे: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से बैठक।

शाम 4:40 बजे: बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये से मुलाकात।

शाम 5:10 बजे: नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा से बैठक।

शाम 5:40 बजे: युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो से मुलाकात।

पहले दिन जारी हुआ BRICS घोषणापत्र

BRICS सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों ने साझा घोषणापत्र पर सहमति जताई। करीब 45 पन्नों के इस दस्तावेज में 140 बिंदु बताए गए हैं। इसमें आतंकवाद, वैश्विक व्यापार, पश्चिम एशिया, ऊर्जा, वित्त और संयुक्त राष्ट्र सुधार समेत कई अहम मुद्दों पर सदस्य देशों का साझा रुख सामने आया।

घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की गई। साथ ही सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित पनाह मिलने जैसी चुनौतियों से निपटने का संकल्प दोहराया गया।