पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा मिशन, 4 यात्राओं से 117 सीटों तक पहुंचने की तैयारी; शाह-नितिन नवीन भी उतरेंगे

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी 18 सितंबर से नशे के खिलाफ चार यात्राएं निकालने की तैयारी में है। अभियान के जरिए सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाने और आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति है।

पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा मिशन, 4 यात्राओं से 117 सीटों तक पहुंचने की तैयारी; शाह-नितिन नवीन भी उतरेंगे

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने के लिए अपना अभियान तेज करने की तैयारी कर ली है। पार्टी अब सिर्फ रैलियों तक सीमित रहने के बजाय पूरे पंजाब में जमीन पर पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत नशे के खिलाफ चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी, जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से शुरू होकर सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का लक्ष्य रखेंगी।

बीजेपी का यह अभियान 18 सितंबर से शुरू होने की तैयारी में है और करीब दो सप्ताह तक चलेगा। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इन यात्राओं की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी अभियान में शामिल होने की संभावना है।

चार दिशाओं से निकलेगा बीजेपी का अभियान

बीजेपी ने पंजाब को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चार यात्राओं का प्लान तैयार किया है। मकसद सिर्फ बड़े शहरों तक पहुंचना नहीं, बल्कि गांवों, कस्बों और विधानसभा क्षेत्रों में सीधे संपर्क बढ़ाना है।

उत्तर पंजाब की यात्रा पठानकोट के लखनपुर/माधोपुर से शुरू होगी। मालवा क्षेत्र की यात्रा तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो से निकलेगी। तीसरी यात्रा श्री आनंदपुर साहिब/फतेहगढ़ साहिब क्षेत्र से शुरू करने की योजना है।

चौथी यात्रा भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे फाजिल्का के वीर भूमि स्मारक से रवाना होगी। अलग-अलग इलाकों से शुरू होने वाली ये यात्राएं पंजाब के व्यापक हिस्से को कवर करेंगी।

 नशे के मुद्दे को चुनावी हथियार बनाने की तैयारी

बीजेपी इस पूरे अभियान के केंद्र में नशे के मुद्दे को रख रही है। पार्टी का फोकस युवाओं पर नशे के असर, परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक प्रभाव और इसके खिलाफ जनजागरूकता पर रहेगा।

हालांकि राजनीतिक तौर पर देखें तो यह अभियान आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ बीजेपी की जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी अहम है। पार्टी पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करने के साथ-साथ इसे जनअभियान का रूप देने की तैयारी में है।

प्रचार रथ गांव-गांव पहुंचेंगे

यात्राओं के साथ बीजेपी के प्रचार रथ भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाएंगे। इनका इस्तेमाल गांवों और स्थानीय क्षेत्रों में लोगों से संपर्क बढ़ाने और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए किया जाएगा।

पार्टी की योजना स्थानीय संगठनों, युवाओं और सामाजिक समूहों को भी इस अभियान से जोड़ने की है। यानी बीजेपी का फोकस सिर्फ अपने कार्यकर्ताओं तक सीमित रहने के बजाय व्यापक जनभागीदारी तैयार करने पर है।

117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का टारगेट

बीजेपी के लिए इस अभियान की सबसे बड़ी राजनीतिक अहमियत इसका दायरा है। करीब दो सप्ताह में चारों यात्राओं के जरिए पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

अलग-अलग इलाकों से निकलने वाली यात्राएं आखिर में जालंधर में एक साथ जुटेंगी। यहां अभियान के समापन पर बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारी है, जिसमें बीजेपी के बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

चुनाव से पहले संगठन को जमीन पर उतारने की रणनीति

बीजेपी का यह कदम पंजाब में चुनावी मुकाबले से पहले संगठन को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। चार यात्राओं के जरिए पार्टी एक साथ कई क्षेत्रों में पहुंच बनाने की कोशिश करेगी।

अब बड़ा सवाल यह है कि नशे के मुद्दे पर शुरू होने वाला यह अभियान क्या बीजेपी को पंजाब में राजनीतिक बढ़त दिला पाएगा? या फिर यह सिर्फ चुनाव से पहले माहौल बनाने तक सीमित रहेगा—इसका जवाब आने वाले महीनों में पंजाब की सियासत देगी।