कोटा जू से जाली तोड़कर निकली मादा लेपर्ड, पार्क के 40 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ी; 4 घंटे चला रेस्क्यू
कोटा में चिड़ियाघर से निकली मादा लेपर्ड छत्र विलास पार्क में करीब 40 फीट ऊंचे जामुन के पेड़ पर चढ़ गई। वन विभाग ने पांच प्रयासों के बाद एक डार्ट से उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। जांच में पिंजरे की जाली टूटी मिली।
कोटा में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मादा लेपर्ड चिड़ियाघर से निकलकर छत्र विलास पार्क तक पहुंच गई। करीब 40 फीट ऊंचे जामुन के पेड़ पर चढ़ी लेपर्ड को नीचे उतारने के लिए वन विभाग की टीम को कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार ट्रैंकुलाइज करने के बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
सुबह पार्क में दिखी लेपर्ड, लोगों में मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक लेपर्ड सुबह करीब 6 बजे छत्र विलास पार्क में पहुंची थी। यहां उसने एक जामुन के ऊंचे पेड़ पर चढ़कर डेरा जमा लिया। पेड़ की ऊंचाई करीब 40 फीट होने के कारण उसे सीधे नीचे लाना आसान नहीं था।
मौके पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची और इलाके में निगरानी बढ़ाई गई। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
पांच कोशिशों के बाद एक डार्ट हुआ कामयाब
लेपर्ड को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए वन विभाग की टीम ने ट्रैंकुलाइज करने की कोशिश की। टीम ने कुल पांच बार डार्ट फायर किए, जिनमें से एक प्रयास सफल रहा।
ट्रैंकुलाइज होने के बाद लेपर्ड नीचे लगाए गए सुरक्षा जाल में गिर गई। इसके बाद टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से कब्जे में ले लिया।
डीएफओ प्रमोद धाकड़ के मुताबिक लेपर्ड का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
रेस्क्यू के बाद चिड़ियाघर पहुंचे तो सामने आई असली वजह
रेस्क्यू के बाद जब मादा लेपर्ड को वापस चिड़ियाघर लाया गया, तब पता चला कि वह अपने पिंजरे की खिड़की की जाली तोड़कर बाहर निकली थी।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक चिड़ियाघर से निकलने के बाद लेपर्ड पास के सीवी गार्डन होते हुए छत्र विलास पार्क तक पहुंच गई थी। रेस्क्यू के बाद जब उसे वापस लाया गया, तब पिंजरे की टूटी जाली देखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आई।
शाम को वन विभाग ने जारी किया प्रेस नोट
वन विभाग की ओर से शाम करीब 7:30 बजे प्रेस नोट जारी कर घटना की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और अब उसका मेडिकल कराया जाएगा।
फिलहाल वन विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि चिड़ियाघर के पिंजरे की जाली किस तरह टूटी और लेपर्ड वहां से बाहर कैसे निकल पाई।

