Ajmer BJP Action: निकाय चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा एक्शन, 41 नेता 6 साल के लिए निष्कासित
अजमेर में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने या बागी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने वाले 41 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। इनमें अजमेर के 6 नेता शामिल हैं।
अजमेर में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले भाजपा ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने और बागी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने वाले नेताओं पर बड़ा संगठनात्मक एक्शन लिया है। प्रदेश भाजपा ने ऐसे 41 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया है। इनमें अजमेर से जुड़े 6 नेताओं के नाम शामिल हैं।
पार्टी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इन नेताओं पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने या निर्दलीय उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने का आरोप है। निष्कासित नेताओं में अजमेर के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत और उनकी पत्नी हेमलता गहलोत का नाम भी शामिल है।
अजमेर के 6 नेताओं पर क्या आरोप?
हेमलता गहलोत
वार्ड 4, अजमेर उत्तर: भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
धर्मेंद्र गहलोत
पूर्व महापौर, वार्ड 4, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी हेमलता गहलोत के पक्ष में प्रचार करने और सोशल मीडिया पर अमर्यादित बयान देने का आरोप।
शंकर सिंह रावत
पूर्व मंडल महामंत्री, वार्ड 5, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही बेटी विनिता रावत के पक्ष में प्रचार करने का आरोप।
हेमलता बंसल
पूर्व पार्षद, वार्ड 16, अजमेर उत्तर: पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
प्रकाश बंसल
पूर्व मंडल अध्यक्ष, वार्ड 16, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी हेमलता बंसल के पक्ष में प्रचार करने का आरोप।
रेनू यादव
मंडल महामंत्री, महिला मोर्चा, वार्ड 68, अजमेर दक्षिण: पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
चुनाव से पहले भाजपा का सख्त संदेश
नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले हुए इस संगठनात्मक एक्शन को पार्टी अनुशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे या उनके विरोध में प्रचार करने वाले नेताओं पर कार्रवाई कर पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया है।

