जोधपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का निरीक्षण: उम्मेद अस्पताल से हाईकोर्ट तक व्यवस्थाओं की जांच, अधिकारियों को दिए निर्देश
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जोधपुर में उम्मेद चिकित्सालय और राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा व नवजात शिशु सुविधाओं और हाईकोर्ट में भवन की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता व क्षतिग्रस्त डोम की मरम्मत की समीक्षा की।
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास शनिवार को जोधपुर दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने शहर की दो महत्वपूर्ण संस्थाओं—उम्मेद चिकित्सालय और राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन—का निरीक्षण किया। अस्पताल में उन्होंने मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं और नवजात शिशुओं के उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जबकि हाईकोर्ट भवन में निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जिन स्थानों पर सुधार की जरूरत है, वहां काम को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
उम्मेद अस्पताल पहुंचे मुख्य सचिव, चिकित्सा व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक
जोधपुर दौरे के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सबसे पहले उम्मेद चिकित्सालय पहुंचे।
यहां उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग विभागों और चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों को उपलब्ध उपचार, चिकित्सा संसाधन, स्टाफ की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई।
मुख्य सचिव ने अस्पताल प्रशासन को चिकित्सा सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
लेबर रूम से ICU तक देखा अस्पताल का सिस्टम
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने स्त्री रोग बहिरंग विभाग के साथ लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, गायनी ICU, HDU और पोस्ट ऑपरेटिव वार्डों का भी जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि इन इकाइयों में मरीजों के लिए किस तरह की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और जरूरत के समय संसाधनों की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित की जा रही है।
अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि किसी भी जरूरी चिकित्सा संसाधन की कमी से मरीजों के इलाज पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
इसके साथ ही साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था और अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर भी ध्यान देने को कहा गया।
नवजात शिशु इकाई की व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने अस्पताल की नवजात शिशु सघन उपचार इकाई का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने आउट-बॉर्न और इन-बॉर्न नर्सरी में भर्ती नवजात बच्चों के उपचार और देखभाल से संबंधित व्यवस्था की जानकारी ली।
इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था तथा गंभीर स्थिति में आने वाले नवजात शिशुओं के उपचार की प्रक्रिया के बारे में बताया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं से जुड़ी चिकित्सा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जाए।
अस्पताल के बाद राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचे
उम्मेद चिकित्सालय का निरीक्षण पूरा करने के बाद वी. श्रीनिवास राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन पहुंचे।
यहां उनका फोकस भवन की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर रहा।
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को भवन के क्षतिग्रस्त हिस्सों और चल रहे मरम्मत कार्यों के बारे में जानकारी दी।
विशेष रूप से हाईकोर्ट भवन के क्षतिग्रस्त डोम को लेकर मरम्मत और पुनर्निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई।
क्षतिग्रस्त डोम की मरम्मत का लिया अपडेट
हाईकोर्ट परिसर में मुख्य सचिव ने क्षतिग्रस्त डोम का निरीक्षण किया और इससे संबंधित तकनीकी रिपोर्ट तथा प्रस्तावित मरम्मत कार्यों की जानकारी ली।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि भवन की मरम्मत और पुनर्वास से जुड़े कौन-कौन से काम प्रस्तावित हैं और उन्हें किस तरह आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने निर्माण और मरम्मत के दौरान गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने को कहा।
उन्होंने भवन की दीर्घकालिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी विशेषज्ञों की राय और निर्धारित मानकों के अनुसार काम करवाने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा भी समीक्षा के केंद्र में
निरीक्षण के दौरान सिर्फ मरम्मत कार्य ही नहीं, बल्कि पूरे भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से भवन की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण की वर्तमान स्थिति से जुड़ी जानकारी ली।
हाईकोर्ट की ओर से पूर्व में दिए गए निर्देशों की पालना और आगे किए जाने वाले कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरम्मत और पुनर्निर्माण के सभी काम तय मानकों के अनुरूप और प्रभावी तरीके से पूरे किए जाएं।
हाईकोर्ट भवन में चल रहा संरचनात्मक मरम्मत का काम
राजस्थान हाईकोर्ट के जोधपुर भवन में संरचनात्मक मरम्मत और पुनर्वास से जुड़े कार्य पहले से प्रक्रिया में हैं।
भवन के महत्वपूर्ण हिस्सों की तकनीकी स्थिति को देखते हुए मरम्मत, पुनर्निर्माण और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्य सचिव का निरीक्षण भी इसी प्रक्रिया की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा से जुड़ा रहा।
अधिकारियों से मांगी काम की पूरी प्रगति रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों ने मुख्य सचिव को मौजूदा कामों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अस्पताल हो या न्यायिक भवन, दोनों स्थानों पर सुरक्षा और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अस्पताल के मामले में जहां मरीजों और नवजात बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर फोकस रहा, वहीं हाईकोर्ट में सुरक्षित भवन और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद
मुख्य सचिव के जोधपुर दौरे के दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे।
इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया और संभागीय आयुक्त कमल शेखावत सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को अपने-अपने विभाग से संबंधित व्यवस्थाओं और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
स्वास्थ्य और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक ही दौरे में फोकस
मुख्य सचिव का यह दौरा दो अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण सार्वजनिक व्यवस्थाओं पर केंद्रित रहा।
उम्मेद अस्पताल में जहां उनका जोर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ-शिशु चिकित्सा और संसाधनों की उपलब्धता पर रहा, वहीं हाईकोर्ट भवन में निर्माण सुरक्षा और मरम्मत की गुणवत्ता प्रमुख मुद्दे रहे।
अब मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों की ओर से इन कार्यों की प्रगति और सुधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

