निकाय चुनाव में BJP का मेगा कैंपेन: 5 दिन में 10 शहरों में CM भजनलाल के रोड शो, जयपुर में होगा आखिरी शक्ति प्रदर्शन

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में BJP ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 5 दिनों में 10 प्रमुख शहरों में रोड शो करेंगे, जिसकी शुरुआत 5 सितंबर को भीलवाड़ा और उदयपुर से होगी और 9 सितंबर को जयपुर में अभियान का समापन प्रस्तावित है।

निकाय चुनाव में BJP का मेगा कैंपेन: 5 दिन में 10 शहरों में CM भजनलाल के रोड शो, जयपुर में होगा आखिरी शक्ति प्रदर्शन

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव की लड़ाई अब प्रचार के निर्णायक दौर में पहुंच रही है। टिकट वितरण, बागियों को मनाने और संगठनात्मक बैठकों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बड़े स्तर पर चुनाव प्रचार में उतार दिया है।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पांच दिनों में प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में रोड शो करेंगे। अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को भीलवाड़ा और उदयपुर से होगी। इसके बाद बीकानेर, अजमेर, जोधपुर, भरतपुर, अलवर, पाली और कोटा होते हुए 9 सितंबर को राजधानी जयपुर में रोड शो प्रस्तावित है।

भाजपा की रणनीति साफ है—मुख्यमंत्री के चेहरे के जरिए शहरी मतदाताओं तक सीधे पहुंचना, स्थानीय प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाना और चुनाव से ठीक पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय करना।

5 दिन में 10 शहर, CM भजनलाल का पूरा प्रस्तावित रोड शो प्लान

भाजपा ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को अलग-अलग क्षेत्रों को कवर करने के हिसाब से तैयार किया है।

5 सितंबर: भीलवाड़ा और उदयपुर

6 सितंबर: बीकानेर, अजमेर और जोधपुर

7 सितंबर: भरतपुर और अलवर

8 सितंबर: पाली और कोटा

9 सितंबर: जयपुर

यह कार्यक्रम चुनावी परिस्थितियों के अनुसार बदलाव के अधीन हो सकता है, लेकिन भाजपा की मौजूदा योजना प्रदेश के प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री की सीधी मौजूदगी सुनिश्चित करने की है।

भीलवाड़ा से प्रचार अभियान का आगाज

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अभियान की शुरुआत भीलवाड़ा से हो रही है।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री जयपुर से रवाना होकर भीलवाड़ा पहुंचेंगे और दूधाधारी गोपाल मंदिर परिसर से रोड शो करेंगे।

करीब एक घंटे के रोड शो में भाजपा स्थानीय प्रत्याशियों के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन करेगी। सड़क किनारे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत की तैयारियां भी की गई हैं।

रोड शो के बाद मुख्यमंत्री भाजपा जिला कार्यालय में संगठनात्मक बैठक करेंगे।

इस बैठक का चुनावी लिहाज से खास महत्व है। स्थानीय प्रत्याशियों की स्थिति, चुनावी मुद्दे, बूथ मैनेजमेंट और पार्टी के भीतर मौजूद असंतोष जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

भीलवाड़ा के बाद उदयपुर में दूसरा बड़ा रोड शो

भीलवाड़ा का कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री उदयपुर पहुंचेंगे।

यहां सूरजपोल क्षेत्र से रोड शो प्रस्तावित है। भाजपा इस कार्यक्रम को मेवाड़ में बड़े चुनावी शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश करने की तैयारी में है।

रोड शो के जरिए मुख्यमंत्री स्थानीय भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनता से मतदान की अपील करेंगे।

इसके बाद उदयपुर में भी संगठनात्मक बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चुनावी तैयारियों का फीडबैक लिया जाएगा।

6 सितंबर को तीन बड़े शहरों पर फोकस

मुख्यमंत्री का 6 सितंबर का कार्यक्रम और ज्यादा व्यस्त रहने वाला है।

इस दिन बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में रोड शो प्रस्तावित हैं।

राजनीतिक रूप से तीनों शहर भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पार्टी एक ही दिन में पश्चिमी राजस्थान और अजमेर क्षेत्र के प्रमुख शहरी मतदाताओं तक मुख्यमंत्री के जरिए पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है।

स्थानीय स्तर पर पार्टी प्रत्याशियों के साथ संगठन को भी मुख्यमंत्री के दौरे से चुनावी बढ़त मिलने की उम्मीद है।

भरतपुर और अलवर में 7 सितंबर को चुनावी ताकत दिखाएगी BJP

7 सितंबर को भाजपा का फोकस पूर्वी राजस्थान पर रहेगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भरतपुर और अलवर में रोड शो करेंगे।

भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र होने के कारण यहां का चुनाव भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से खास महत्व रखता है। वहीं अलवर में भी स्थानीय निकायों के चुनाव में पार्टी पूरी ताकत लगा रही है।

दोनों शहरों में रोड शो के जरिए भाजपा शहरी मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चुनावी संदेश पहुंचाने का प्रयास करेगी।

8 सितंबर को पाली और कोटा

प्रस्तावित चुनावी कार्यक्रम में 8 सितंबर को पाली और कोटा शामिल हैं।

कोटा में भाजपा पहले से ही बड़े स्तर पर चुनावी गतिविधियां चला रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं।

पाली में भी मुख्यमंत्री के रोड शो के जरिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल तैयार करने की रणनीति है।

जयपुर में होगा अभियान का बड़ा पड़ाव

मुख्यमंत्री के पांच दिवसीय रोड शो अभियान का अंतिम प्रस्तावित पड़ाव राजधानी जयपुर है।

9 सितंबर को जयपुर में मुख्यमंत्री का रोड शो प्रस्तावित है।

प्रदेश की राजधानी होने के साथ जयपुर नगर निकाय चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मैदान भी है। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंकी हुई है।

मुख्यमंत्री के रोड शो के जरिए भाजपा राजधानी में बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर सकती है।

BL संतोष की बैठकों के बाद BJP ने बढ़ाई प्रचार की रफ्तार

भाजपा के इस आक्रामक प्रचार अभियान से पहले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जयपुर में पार्टी नेताओं के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही।

टिकट वितरण के बाद कई क्षेत्रों में नाराज नेताओं और बागी प्रत्याशियों की चुनौती भी भाजपा के सामने है। ऐसे में संगठन का फोकस डैमेज कंट्रोल, बूथ मैनेजमेंट और प्रत्याशियों के पक्ष में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर है।

25 ‘विजय रथ’ भी चुनावी मैदान में

मुख्यमंत्री के रोड शो के अलावा भाजपा ने प्रचार के लिए अलग रणनीति भी तैयार की है।

पार्टी ने प्रदेश के 25 लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए ‘विजय रथ’ रवाना किए हैं।

इन प्रचार वाहनों के जरिए भाजपा राज्य सरकार के कामकाज और पार्टी के नगरीय विकास से जुड़े वादों को मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

मदन राठौड़ भी संभालेंगे चुनावी कमान

मुख्यमंत्री के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी लगातार जिलों का दौरा करेंगे।

5 सितंबर को राठौड़ का अजमेर और नागौर में चुनाव प्रचार का कार्यक्रम है। यहां वे भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में कार्यक्रम करने के साथ स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी बातचीत करेंगे।

इसके बाद 6 सितंबर को उनका फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर का दौरा प्रस्तावित है।

राठौड़ की बैठकों में केवल प्रचार ही नहीं, बल्कि संगठन की स्थिति, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और बूथ स्तर की तैयारियों की समीक्षा पर भी फोकस रहेगा।

भाजपा के सामने बागियों की चुनौती भी

निकाय चुनाव में दोनों प्रमुख पार्टियों को टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा के लिए भी कई स्थानों पर बागी उम्मीदवार चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं।

यही वजह है कि मुख्यमंत्री के रोड शो के साथ वरिष्ठ नेताओं को स्थानीय स्तर पर संगठन को एकजुट रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

बीएल संतोष की जयपुर बैठक में भी टिकट वितरण के बाद बने हालात, संभावित वोट कटने और बूथ स्तर की रणनीति पर चर्चा की गई।

गहलोत का हमला- सरकार को अपने काम का हिसाब देना चाहिए

भाजपा के मेगा प्रचार के बीच कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के चुनाव प्रचार को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव में भाजपा ने पार्टी के बड़े नेताओं के साथ पूरी ताकत झोंक दी है।

गहलोत ने शहरी विकास को चुनावी मुद्दा बनाते हुए सरकार से सड़क, ट्रैफिक, फ्लाईओवर, अंडरपास, जलभराव, नालों की सफाई, सफाईकर्मियों की भर्ती और जमीन के पट्टों जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा है।

कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री रोड शो के दौरान मतदाताओं को सरकार के अब तक के कार्यकाल में किए गए शहरी विकास कार्यों का भी हिसाब दें।

ये विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर भाजपा का पक्ष अलग है। भाजपा अपने अभियान में राज्य सरकार की उपलब्धियों और नगरीय विकास के प्रस्तावों को प्रमुखता से जनता के बीच ले जा रही है।

मेयर-चेयरमैन चुनाव के अंतराल पर भी कांग्रेस ने उठाया सवाल

अशोक गहलोत ने पार्षदों के चुनाव परिणाम और मेयर-चेयरमैन के चुनाव के बीच रखे गए समय को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले यह प्रक्रिया कम समय में पूरी होती थी, लेकिन इस बार ज्यादा समय रखने से राजनीतिक जोड़-तोड़ की आशंका बढ़ सकती है।

भाजपा की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है।

9 और 11 सितंबर के चुनाव से पहले निर्णायक प्रचार

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान 9 और 11 सितंबर को होना है। ऐसे में अगले कुछ दिन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

भाजपा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय नेताओं और स्थानीय संगठन के जरिए अलग-अलग स्तर पर चुनाव प्रचार चला रही है।

कांग्रेस भी स्थानीय मुद्दों, राज्य सरकार के कामकाज और शहरी समस्याओं को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है।

निकाय चुनाव बना भजनलाल सरकार का बड़ा राजनीतिक टेस्ट

ये नगरीय निकाय चुनाव केवल पार्षद, मेयर या चेयरमैन चुनने तक सीमित नहीं माने जा रहे हैं।

राजनीतिक रूप से इन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए शहरी मतदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।

नगर निकाय चुनावों के नतीजे यह संकेत भी देंगे कि स्थानीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस की संगठनात्मक पकड़ कितनी मजबूत है।

यही वजह है कि भाजपा मुख्यमंत्री को पांच दिनों में 10 शहरों तक ले जाकर प्रचार को आखिरी चरण में पूरी रफ्तार देने की तैयारी कर चुकी है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री के मेगा रोड शो मतदाताओं पर कितना असर डालते हैं और क्या भाजपा इस चुनावी शक्ति प्रदर्शन को नगर निकायों में जीत में बदल पाती है।