कांग्रेस का शहरी निकाय चुनाव प्लान: ₹500 में पट्टा, मुफ्त कचरा कलेक्शन और हर साल सफाईकर्मियों की भर्ती का वादा

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने 309 शहरी निकायों के लिए स्थानीय घोषणा पत्र जारी करने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने ₹500 में जमीन के पट्टे, मुफ्त कचरा संग्रहण, सफाईकर्मियों की भर्ती और विकास कार्यों की ऑनलाइन जानकारी सार्वजनिक करने जैसे वादे किए हैं।

कांग्रेस का शहरी निकाय चुनाव प्लान: ₹500 में पट्टा, मुफ्त कचरा कलेक्शन और हर साल सफाईकर्मियों की भर्ती का वादा

राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपने चुनावी एजेंडे की बड़ी तस्वीर सामने रख दी है। पार्टी ने प्रदेश के 309 शहरी निकायों के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार अलग-अलग घोषणा पत्र जारी करने की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर कुछ ऐसे प्रमुख वादे भी किए गए हैं, जिन्हें कांग्रेस अपने शहरी विकास मॉडल का आधार बता रही है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि निकायों में कांग्रेस का बोर्ड बनने पर आम नागरिकों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, शहरी विकास, पारदर्शिता और रोजगार को प्राथमिकता दी जाएगी।

पार्टी के प्रमुख वादों में ₹500 में जमीन के पट्टे देने, घरों से मुफ्त कचरा संग्रहण, सफाईकर्मियों की नियमित भर्ती और नगर निकायों के विकास कार्यों की जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक करना शामिल है।

 ₹500 में जमीन का पट्टा देने का वादा

कांग्रेस ने शहरी क्षेत्रों में पट्टों से जुड़ी प्रक्रिया को आम लोगों के लिए आसान और किफायती बनाने का दावा किया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस बोर्ड बनने की स्थिति में पात्र लोगों को ₹500 में जमीन के पट्टे उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

शहरी इलाकों में वर्षों से रह रहे कई परिवारों के लिए जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेज एक बड़ा मुद्दा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस इस घोषणा को सीधे आम परिवारों और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की समस्या से जोड़कर पेश कर रही है।

## हर घर से मुफ्त उठेगा कचरा

कांग्रेस ने शहरों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर भी बड़ा वादा किया है। पार्टी का कहना है कि यदि नगर निकायों में कांग्रेस का बोर्ड बनता है, तो घरों से कचरा उठाने की सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जाएगा।

कांग्रेस इस व्यवस्था को केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के एक बड़े अभियान के तौर पर पेश कर रही है।

शहरों में बढ़ती आबादी के साथ कचरा प्रबंधन नगर निकायों के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। नियमित कचरा संग्रहण, सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की उपलब्धता का सीधा असर स्थानीय निवासियों के जीवन पर पड़ता है।

## सफाईकर्मियों की हर साल जरूरत के अनुसार होगी भर्ती

सफाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने कर्मचारियों की भर्ती पर भी जोर दिया है। गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार, भाजपा बोर्डों के कार्यकाल के दौरान सफाईकर्मियों की जो भर्तियां पूरी नहीं हो सकीं, कांग्रेस उन्हें पूरा करने का प्रयास करेगी।

इसके साथ ही पार्टी ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में नगर निकायों की जरूरत के अनुसार हर साल सफाईकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

कांग्रेस का तर्क है कि यदि शहरों की आबादी और क्षेत्रफल बढ़ रहा है, तो सफाई कर्मचारियों की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़नी चाहिए। पर्याप्त कर्मचारियों के बिना न तो नियमित सफाई संभव है और न ही कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकता है।

## यूडी टैक्स की व्यवस्था पर फिर से होगा विचार

शहरी निकायों में लगने वाले यूडी टैक्स को लेकर भी कांग्रेस ने मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस बोर्ड बनने पर यूडी टैक्स को लेकर दोबारा विचार किया जाएगा और इसे अधिक तार्किक तथा व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

पार्टी का कहना है कि टैक्स व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे नगर निकायों को विकास कार्यों के लिए जरूरी संसाधन मिलें, लेकिन नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी न पड़े।

## शहरों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस

कांग्रेस ने अपने शहरी निकाय चुनावी एजेंडे में केवल स्थानीय स्तर की समस्याओं ही नहीं, बल्कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी शामिल किया है।

डोटासरा ने कोटा के रिवर फ्रंट और जयपुर के भारत जोड़ो सेतु जैसे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस की स्थानीय सरकारें बनने पर शहरों की जरूरत और संभावनाओं के अनुसार बड़े विकास कार्य करवाए जाएंगे।

इन प्रोजेक्ट्स के जरिए पार्टी शहरी सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े नए अवसर पैदा करने की बात कर रही है।

## नगर निकायों के काम का पूरा हिसाब वेबसाइट पर होगा उपलब्ध

कांग्रेस ने शहरी निकायों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने का भी वादा किया है।

पार्टी के मुताबिक, नगर निकायों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी सार्वजनिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें किसी काम के लिए स्वीकृत बजट से लेकर टेंडर और निर्माण की प्रगति तक की जानकारी शामिल होगी।

किसी भी विकास कार्य को लेकर नागरिक यह जान सकेंगे कि—

* संबंधित प्रोजेक्ट के लिए कितना बजट मंजूर हुआ।

* टेंडर जारी हुआ या नहीं।

* काम किस एजेंसी या ठेकेदार को दिया गया।

* निर्माण कार्य कब शुरू हुआ।

* काम कितने प्रतिशत

पूरा हो चुका है।

* प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति क्या है।