अजमेर नगर निगम चुनाव: कांग्रेस के 13 सहित 25 नामांकन दाखिल, पूर्व मेयर की पत्नी निर्दलीय मैदान में
अजमेर नगर निगम चुनाव में नामांकन प्रक्रिया तेज हो गई है। कांग्रेस के 13 उम्मीदवारों ने पर्चे भरे, जबकि AAP और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरे। हेमलता गहलोत के निर्दलीय नामांकन से सियासी हलचल बढ़ी।
नगर निगम चुनाव को लेकर अजमेर में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की औपचारिक सूची सामने नहीं आने के बावजूद नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो चुका है। शनिवार को कांग्रेस से 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, जबकि आम आदमी पार्टी से एक और कई उम्मीदवारों ने निर्दलीय के रूप में पर्चे भरे। निर्वाचन कार्यालयों में नामांकन फॉर्म लेने और जमानत राशि जमा कराने वाले दावेदारों की भीड़ रही। जिला कलेक्टर लोक बंधु ने निर्वाचन कार्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है।
पूर्व मेयर की पत्नी हेमलता गहलोत ने भरा निर्दलीय पर्चा
चुनाव के बीच सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत के परिवार की है। भाजपा से दो बार मेयर रह चुके धर्मेंद्र गहलोत अपनी पत्नी हेमलता गहलोत के साथ नामांकन दाखिल कराने पहुंचे। हेमलता गहलोत ने वार्ड नंबर 4 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद धर्मेंद्र गहलोत ने एक पेन ड्राइव में कथित ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा किया। उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं पर आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच कराने की मांग की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना बाकी है।
कांग्रेस के 13 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे
अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में विभिन्न वार्डों से नामांकन दाखिल किए गए हैं। इनमें वार्ड 43 से काजल यादव, वार्ड 13 से खुशनूर खानम, वार्ड 47 से तरुणा, वार्ड 12 से संगीता, वार्ड 1 से बनवारीलाल, वार्ड 30 से बालकिशन शर्मा, वार्ड 45 से खेमचंद, वार्ड 23 से नीलम सियोल, वार्ड 32 से खुशनुमा परवीन और वार्ड 14 से वसीम मोहम्मद सहित अन्य नाम शामिल हैं। प्राप्त विवरण में वार्ड 39 से सरजू देवी का नाम दो बार दर्ज है, जबकि इसी वार्ड से सीमा का नाम भी दिया गया है। इसलिए अंतिम अधिकृत उम्मीदवारों की स्थिति निर्वाचन रिकॉर्ड और पार्टी के अधिकृत सिंबल जमा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
AAP से एक, निर्दलीय भी मैदान में
आम आदमी पार्टी की ओर से वार्ड 40 से शिवराम सिंह ने नामांकन दाखिल किया। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों में वार्ड 76 से पूजा तोलानी, वार्ड 13 से अहमद हुसैन, वार्ड 4 से हेमलता गहलोत, वार्ड 5 से गोगुदेवी, वार्ड 22 से दीपेश हरियाला, वार्ड 28 से संजय वर्मा, वार्ड 33 से उम्मेद सिंह, वार्ड 52 से गोविंद, वार्ड 1 से बनवारीलाल और वार्ड 43 से निर्मला जाटव के नाम दिए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुछ दावेदारों ने पार्टी उम्मीदवार के साथ-साथ निर्दलीय श्रेणी में भी नामांकन दाखिल किया है। पार्टी का अधिकृत सिंबल मिलने और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
ज्ञान सारस्वत का यू-टर्न, अब चुनाव नहीं लड़ेंगे
इस बीच अजमेर की राजनीति में ज्ञान सारस्वत ने अपने पहले के फैसले से पीछे हटते हुए नगर निगम चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी है। सारस्वत ने पहले खुद वार्ड नंबर 1 और अपनी बेटी हर्षिता के वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। अब उन्होंने कहा है कि न तो वे चुनाव लड़ेंगे और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य मैदान में उतरेगा। उन्होंने इसके पीछे दो कारण बताए। पहला, विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ने की बात कही थी। दूसरा, उनका मानना है कि उनके चुनाव लड़ने से अपने ही राजनीतिक पक्ष के लोगों को नुकसान हो सकता है।
टिकट की लिस्ट नहीं, सीधे सिंबल से खुलेगा राज?
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू भाजपा और कांग्रेस की टिकट रणनीति बनती जा रही है।
कई दावेदारों को नामांकन दाखिल करने के संकेत मिलने की बात सामने आ रही है, लेकिन दोनों प्रमुख पार्टियों की ओर से प्रत्याशियों की पूरी सूची सार्वजनिक किए जाने की संभावना कम बताई जा रही है। ऐसे में 31 अगस्त को सीधे निर्वाचन कार्यालय में पार्टी सिंबल जमा करवाने का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो अंतिम समय तक कई वार्डों में यह सस्पेंस बना रहेगा कि पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार आखिर कौन है। यानी अजमेर में फिलहाल सिर्फ नामांकन नहीं हो रहे। टिकट, सिंबल, बगावत और निर्दलीय दावेदारी का पूरा चुनावी गणित एक साथ चल रहा है। 31 अगस्त के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ होगी कि किसे पार्टी का सिंबल मिला, कौन बागी हुआ और कौन अंतिम समय में चुनावी मैदान से पीछे हट गया।

