देश में बढ़ रहा H1N1 का संक्रमण: दिल्ली से राजस्थान तक अलर्ट, जानें किस राज्य में कितने केस

मानसून के बीच दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े हैं। जानें 2026 में किन राज्यों में कितने केस सामने आए और क्या है स्थिति।

देश में बढ़ रहा H1N1 का संक्रमण: दिल्ली से राजस्थान तक अलर्ट, जानें किस राज्य में कितने केस

मानसून के मौसम के बीच देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों में इस साल संक्रमण के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। कुछ राज्यों में 2026 के शुरुआती आठ महीनों में ही H1N1 के मामले पिछले पूरे साल के आंकड़ों को पार कर चुके हैं।

हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार फिलहाल किसी नए या असामान्य रूप से ज्यादा खतरनाक H1N1 स्ट्रेन के फैलने की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की बजाय सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा संक्रमण का प्रसार कई क्षेत्रों में बढ़ सकता है।

दिल्ली में H1N1 के 2,729 मामले

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के 27 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, शहर में स्वाइन फ्लू के कुल 2,729 मामले दर्ज किए गए।

27 अगस्त को ही 125 नए मरीजों की पुष्टि हुई। वहीं, इन्फ्लुएंजा ए और बी के मामलों को मिलाकर दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या 3,736 तक पहुंच गई है। इनमें बड़ी हिस्सेदारी H1N1 संक्रमण की है।

पिछले साल की तुलना में इस बार दिल्ली में इन्फ्लुएंजा और H1N1 के मामलों में ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कर्नाटक में सबसे ज्यादा 4,428 लैब-कन्फर्म केस

राज्यों के उपलब्ध आंकड़ों में कर्नाटक में संक्रमण का आंकड़ा सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। 24 अगस्त तक यहां H1N1 और इन्फ्लुएंजा के 4,428 लैब से पुष्टि किए गए मामले सामने आ चुके थे।

कर्नाटक में आमतौर पर इन्फ्लुएंजा संक्रमण के दो मौसमी दौर देखने को मिलते हैं। पहला जनवरी से मार्च के बीच और दूसरा जुलाई से सितंबर के दौरान अधिक सक्रिय रहता है। इस समय राज्य दूसरे मौसमी दौर से गुजर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाना महत्वपूर्ण है, लेकिन स्थिति को लेकर अनावश्यक घबराहट की जरूरत नहीं है।

 महाराष्ट्र में 1,109 केस, पिछले पूरे साल का आंकड़ा पार

महाराष्ट्र में भी इस साल H1N1 संक्रमण तेजी से बढ़ा है। 21 अगस्त तक राज्य में 1,109 मरीज दर्ज किए गए, जबकि पूरे 2025 में कुल 942 मामले सामने आए थे।

यानी इस साल अगस्त खत्म होने से पहले ही महाराष्ट्र पिछले साल के कुल आंकड़े को पार कर चुका है। राज्य में मुंबई और पुणे संक्रमण के प्रमुख केंद्रों में शामिल हैं और दोनों शहरों में बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार कुछ क्षेत्रों में संक्रमण की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक देखी जा रही है।

राजस्थान में अगस्त बना सबसे ज्यादा संक्रमण वाला महीना

राजस्थान में भी अगस्त के दौरान H1N1 संक्रमण के मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। जनवरी से अगस्त 2026 तक राज्य में कुल 146 मामले दर्ज किए गए हैं।

महीनेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में 2, फरवरी में 3, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में 5 और अगस्त में 55 मरीज सामने आए।

इस तरह अगस्त इस साल अब तक राजस्थान में H1N1 संक्रमण के लिहाज से सबसे अधिक मामले दर्ज होने वाला महीना बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में किसी नए या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन के फैलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उत्तर प्रदेश में भी बढ़ाई गई निगरानी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी H1N1 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। बलरामपुर अस्पताल में दो मरीजों की RT-PCR जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया।

दोनों मरीजों की हालत स्थिर बताई गई। इससे पहले अस्पताल में H1N1 से संक्रमित एक महिला की मौत की भी जानकारी सामने आई थी।

राज्य सरकार ने संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगरानी और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

 गुरुग्राम में 12 और चंडीगढ़ में 14 मरीज

हरियाणा के गुरुग्राम में अब तक H1N1 के 12 मामले सामने आए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों से लक्षण दिखने पर समय पर जांच कराने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

वहीं चंडीगढ़ में इस साल अब तक कुल 14 मामले दर्ज किए गए हैं। अगस्त में 7 नए मरीज सामने आए, जो इस महीने संक्रमण में बढ़ोतरी का संकेत देते हैं।

शहर के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मार्च में 2, अप्रैल में 1, मई में 2, जून और जुलाई में एक-एक तथा अगस्त में 7 मामले दर्ज किए गए।

कोलकाता में भी मानसून के साथ बढ़ा संक्रमण

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी जुलाई के दौरान स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी देखी गई थी। कई मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

22 जुलाई तक सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, बारिश तेज होने के साथ शहर में संक्रमण के मामले बढ़े थे। पीयरलेस अस्पताल समेत कुछ अस्पतालों में लगातार