बाड़मेर में नामांकन के दौरान बवाल! उम्मीदवार के समर्थक आपस में भिड़े, निकाय चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा
राजस्थान निकाय चुनाव से पहले बाड़मेर में नामांकन के दौरान पार्षद उम्मीदवार के समर्थकों के दो गुट भिड़ गए। वहीं भीलवाड़ा, अजमेर, पाली और भरतपुर में टिकट को लेकर विरोध और राजनीतिक हलचल तेज है।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही राजनीतिक माहौल भी गर्माने लगा है। प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह साफ होने से पहले ही कई शहरों में टिकट को लेकर नाराजगी, बगावत और विरोध के स्वर सामने आने लगे हैं। इसी बीच बाड़मेर नगर परिषद में नामांकन प्रक्रिया के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने चुनावी माहौल को और गरमा दिया।
बाड़मेर में एक पार्षद उम्मीदवार के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे समर्थकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और लात-घूंसे चलने लगे। नामांकन के दौरान समर्थकों की इस आपसी भिड़ंत से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नामांकन के साथ पहुंचे समर्थक, फिर आपस में ही भिड़ गए
नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने पहुंचे पार्षद प्रत्याशी के साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर समर्थकों के दो गुटों के बीच विवाद शुरू हो गया।
शुरुआत में कहासुनी हुई, लेकिन मामला जल्द ही हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों गुटों के समर्थकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। चुनावी नामांकन के दौरान हुई इस घटना ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
हालांकि, यह साफ नहीं हो सका कि विवाद की शुरुआत किस मुद्दे से हुई और दोनों गुटों के बीच तनाव की असली वजह क्या थी। घटना के बाद चुनावी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
टिकटों की सूची से पहले ही बढ़ी बगावत की हलचल
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के लिए राजनीतिक दल प्रत्याशियों के चयन में जुटे हुए हैं। इस बीच कई जगह टिकट को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है।
भाजपा के सामने भी संभावित बागियों और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी ने इसे देखते हुए डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
जयपुर संभाग के प्रभारी और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं में नाराजगी होना और बाद में उनका पार्टी में लौटना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। संभावित असंतोष और बगावत को संभालने के लिए पार्टी की ओर से डैमेज कंट्रोल टीम भी बनाई गई है।
भीलवाड़ा में महिला मोर्चा का विरोध, परिवारवाद का आरोप
बाड़मेर की घटना के साथ ही भीलवाड़ा में भी टिकट को लेकर विरोध देखने को मिला। यहां भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी कुछ पदाधिकारी टिकट की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं।
महिला पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व पर टिकट वितरण में परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उनका धरना शुक्रवार शाम से शुरू हुआ, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर भाजपा के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई।
निकाय चुनाव से पहले यह विरोध पार्टी के लिए एक चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची से पहले ही कई कार्यकर्ता अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
अजमेर में पूर्व मेयर की पत्नी ने भरा निर्दलीय नामांकन
अजमेर में भी चुनावी समीकरण बदले हुए नजर आ रहे हैं। शहर के दो बार मेयर रह चुके धर्मेंद्र गहलोत कुछ दिन पहले भाजपा छोड़ चुके हैं। अब उनकी पत्नी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरते हुए नामांकन दाखिल किया है।
इसे स्थानीय राजनीति में भाजपा के लिए एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। निकाय चुनाव में ऐसे बागी और निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्डों में पार्टियों का गणित बदल सकते हैं।
पाली में पूर्व सभापति ने छोड़ी भाजपा, कांग्रेस का थामा हाथ
पाली में भी भाजपा को राजनीतिक झटका लगा है। नगर निकाय से जुड़े पूर्व सभापति राकेश भाटी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।
चुनावी प्रक्रिया के बीच नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक निष्ठा में बदलाव यह संकेत दे रहा है कि टिकट वितरण और स्थानीय समीकरण आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
भरतपुर में पति की हत्या के पांच महीने बाद पत्नी ने भरा नामांकन
भरतपुर की नदबई नगर पालिका चुनाव में एक भावनात्मक और चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा की पत्नी शालू चोपड़ा चुनावी मैदान में उतर गई हैं।
उन्होंने वार्ड नंबर 5 से भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दो नामांकन दाखिल किए हैं। उनके पति योगेंद्र चोपड़ा की करीब पांच महीने पहले 25 मार्च 2026 को हत्या कर दी गई थी। वह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया था।
अब शालू चोपड़ा के चुनाव मैदान में उतरने से नदबई के वार्ड नंबर 5 का मुकाबला भी चर्चा में आ गया है।
बीकानेर में टिकट मिलने के दावे पर जश्न
बीकानेर में भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी सूची जारी होने से पहले ही एक नेता के रिश्तेदार को टिकट मिलने का फोन आने का दावा किया गया। इस दावे के बाद संबंधित वार्ड की महिलाओं ने थाली बजाकर खुशी जताई।
हालांकि भाजपा की ओर से उस समय तक आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई थी। ऐसे में टिकट को लेकर दावों और अटकलों का दौर भी तेज हो गया।
कई वार्डों में प्रत्याशियों की सूची को लेकर असमंजस बना हुआ है और इसी कारण कुछ नाराज दावेदारों के बागी या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

