अमेरिका से ट्रेड वॉर में कनाडा का बड़ा पलटवार, 700 अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 20 अरब डॉलर की कस्टम ड्यूटी
अमेरिका के टैरिफ के जवाब में कनाडा ने करीब 20 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान पर 15 से 50% तक जवाबी शुल्क लगाने का ऐलान किया है। जानें किन उत्पादों पर कितना टैरिफ लगेगा।
अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहा व्यापारिक तनाव अब एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी टैरिफ के जवाब में कनाडा ने करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान पर जवाबी कस्टम ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है। कनाडा सरकार के मुताबिक, नए टैरिफ 8 सितंबर 2026 से लागू होंगे और करीब 700 अमेरिकी उत्पाद इसकी दायरे में आएंगे।
कनाडा के इस फैसले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चल रहा ट्रेड विवाद और तेज हो गया है। प्रस्तावित जवाबी शुल्क अलग-अलग उत्पादों पर 15 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक होगा।
किन अमेरिकी सामानों पर लगेगा ज्यादा टैरिफ?
कनाडा ने जिन उत्पादों को जवाबी टैरिफ के लिए चुना है, उनमें स्टील, एल्युमीनियम, फर्नीचर और कपड़े प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन उत्पादों पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है।
इसके अलावा घरेलू उपकरणों और कुछ सीफूड उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ प्रस्तावित है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और टूल्स जैसी कुछ श्रेणियों पर 15 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।
कनाडा का कहना है कि जवाबी कार्रवाई का उद्देश्य अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभाव का मुकाबला करना है, साथ ही घरेलू कारोबार और श्रमिकों को अचानक बढ़ने वाली लागत से बचाना भी है।
कनाडा ने कारोबारियों के लिए सपोर्ट पैकेज का भी किया ऐलान
सिर्फ जवाबी शुल्क लगाने के बजाय कनाडा सरकार ने अपने व्यवसायों और कर्मचारियों को राहत देने के लिए आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा भी की है। सरकार का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ का असर खास तौर पर छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों पर पड़ सकता है।
कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के मुताबिक, सरकार ने जवाबी कदम को सीमित और अनुपातिक रखने की कोशिश की है। उनका कहना है कि कंपनियों को बदलते व्यापारिक माहौल में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए सरकार आवश्यक सहयोग देगी।
बातचीत नाकाम होने के बाद बढ़ा तनाव
कनाडा का यह फैसला दोनों देशों के बीच बातचीत विफल होने के कुछ समय बाद आया है। कनाडा ने अमेरिकी कदम के जवाब में अपने टैरिफ का दायरा तय किया है। इससे अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।
दोनों देशों के बीच बड़ी मात्रा में सामान और सेवाओं का कारोबार होता है। ऐसे में लंबे समय तक जारी रहने वाला टैरिफ विवाद कंपनियों की लागत, सप्लाई चेन और उपभोक्ताओं की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
2025 से चल रहा है अमेरिका-कनाडा ट्रेड विवाद
अमेरिका और कनाडा के बीच मौजूदा व्यापार विवाद की शुरुआत 2025 में हुई थी। उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सीमा सुरक्षा और फेंटानिल तस्करी से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए कनाडाई उत्पादों पर टैरिफ लगाए थे।
टैरिफ किसी दूसरे देश से आयात होने वाले सामान पर लगाया जाने वाला शुल्क होता है। इसका सीधा असर आयात की लागत पर पड़ता है और कई मामलों में यह अतिरिक्त लागत कारोबारियों के जरिए आगे ग्राहकों तक पहुंच सकती है।
हालांकि, अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के बीच अधिकांश व्यापार CUSMA यानी कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको समझौते के तहत होता है। इसके बावजूद हालिया टैरिफ विवाद ने उत्तरी अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को चुनौती दी है।
अब आगे क्या?
कनाडा के जवाबी टैरिफ लागू होने के बाद अमेरिका की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। यदि दोनों देशों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो टैरिफ की लड़ाई आगे बढ़ सकती है। इसका असर दोनों देशों के कारोबार, कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ने की संभावना है।
फिलहाल कनाडा ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभाव का जवाब देने के लिए तैयार है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में होने वाले अगले कदम अहम होंगे।

