जयपुर में 6 किमी सड़क से हटेंगे 310 अतिक्रमण, हाईकोर्ट सख्त; 80 फीट तक होगी चौड़ाई

जयपुर में 22 गोदाम से बीटू बाईपास तक करीब 6 किमी सड़क से 310 अतिक्रमण हटाए जाएंगे। हाईकोर्ट ने जेडीए को 15 दिन का नोटिस देकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जयपुर में 6 किमी सड़क से हटेंगे 310 अतिक्रमण, हाईकोर्ट सख्त; 80 फीट तक होगी चौड़ाई

जयपुर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। 22 गोदाम रेलवे स्टेशन से बीटू बाईपास तक सवाई माधोपुर रेलवे लाइन के समानांतर करीब 6 किलोमीटर लंबी सड़क से 310 अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इस मामले में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर अतिक्रमण और प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई से जुड़ी जानकारी दी है।

जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने सीताराम देवंदा और अन्य की याचिका को जनहित याचिका के तौर पर लेते हुए अंतरिम निर्देश जारी किए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सड़क पर मौजूद अतिक्रमण निजी व्यक्तियों का हो या किसी वैधानिक संस्था का, उसे कानून के अनुसार हटाने की कार्रवाई करनी होगी।

15 दिन का नोटिस, फिर होगी कार्रवाई

हाईकोर्ट ने जेडीए को निर्देश दिया है कि अतिक्रमण से प्रभावित लोगों को सीधे कार्रवाई से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाए। इस अवधि में संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष रख सकेंगे। यानी कार्रवाई से पहले प्रभावित पक्ष को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

अदालत ने जेडीए सचिव को मामले में अब तक की कार्रवाई की पालना रिपोर्ट 25 नवंबर को पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के निर्देशों के बाद अब जेडीए को अतिक्रमण हटाने और सड़क विकास की प्रक्रिया तय समयसीमा में आगे बढ़ानी होगी।

310 अतिक्रमण में 160 मकान और 150 दुकान-ढांचे

जेडीए की ओर से पेश हलफनामे में बताया गया कि करीब 6 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग पर कुल 310 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें 160 मकान और 150 दुकानें व अन्य ढांचे शामिल हैं।

जेडीए के मुताबिक कुछ स्थानों पर रेलवे की ओर से भी अतिक्रमण किए जाने की स्थिति सामने आई है। ऐसे में हाईकोर्ट का यह निर्देश सभी प्रकार के अतिक्रमण पर लागू होगा, चाहे वह निजी व्यक्ति से संबंधित हो या किसी सरकारी अथवा वैधानिक संस्था से।

तीन हिस्सों में बदलेगी सड़क की चौड़ाई

जेडीए ने अदालत को बताया कि 22 गोदाम से बीटू बाईपास तक पूरी सड़क की चौड़ाई एक समान नहीं रहेगी। सड़क को अलग-अलग हिस्सों में विकसित करने की योजना है।

22 गोदाम रेलवे स्टेशन से महेश नगर फाटक तक करीब 1400 मीटर लंबी सड़क की चौड़ाई 40 फीट प्रस्तावित है। इसके बाद महेश नगर फाटक से गोपालपुरा बाईपास तक करीब 1600 मीटर लंबे हिस्से की चौड़ाई 60 फीट रखी जाएगी।

वहीं गोपालपुरा बाईपास से बीटू बाईपास तक करीब 2900 मीटर लंबे हिस्से में सड़क की चौड़ाई 80 फीट करने की योजना है। इस तरह पूरे मार्ग पर मौजूदा स्थिति के मुकाबले सड़क को अधिक व्यवस्थित और चौड़ा करने का प्रस्ताव है।

जेडीए ने मांगा था चार महीने का समय

अतिक्रमण हटाने और अदालत के निर्देशों की पालना के लिए जेडीए ने हाईकोर्ट से चार महीने का समय मांगा था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्राधिकरण को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और प्रभावित लोगों को सुनवाई का अवसर देने की व्यवस्था स्पष्ट की।

सिविल कोर्ट और ट्रिब्यूनल में मामलों पर भी टिप्पणी

हाईकोर्ट ने सड़क से जुड़े अतिक्रमण के मामले में यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित सड़क को लेकर सिविल कोर्ट या ट्रिब्यूनल में अपील अथवा सिविल मुकदमे के आधार पर कार्रवाई को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने मामले की निगरानी के लिए जेडीए से अगली पालना रिपोर्ट भी मांगी है।

6 किलोमीटर के इस सड़क मार्ग से अतिक्रमण हटने और सड़क चौड़ी होने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों को 15 दिन का नोटिस और अपना पक्ष रखने का मौका देना होगा। अब जेडीए की अगली कार्रवाई और 25 नवंबर को पेश होने वाली पालना रिपोर्ट पर सभी की नजर रहेगी।