भाजपा की नई टीम में वसुंधरा राजे को बड़ी जिम्मेदारी, स्मृति ईरानी-सतीश पूनिया भी महासचिव

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया। वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सतीश पूनिया और स्मृति ईरानी को महासचिव की जिम्मेदारी मिली।

भाजपा की नई टीम में वसुंधरा राजे को बड़ी जिम्मेदारी, स्मृति ईरानी-सतीश पूनिया भी महासचिव

भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में लंबे इंतजार के बाद अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए पदाधिकारियों की घोषणा की। नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी एक बार फिर बीएल संतोष को दी गई है।

नई टीम में राजस्थान को भी खास तवज्जो मिली है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं राजस्थान से सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा प्रदेश से एक और चेहरे को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिली है। वसुंधरा राजे को मिली जिम्मेदारी को राजस्थान की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

स्मृति ईरानी को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। केंद्रीय राजनीति में सक्रिय स्मृति ईरानी को संगठन की नई टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से पार्टी के आगामी चुनावी अभियानों में उनकी भूमिका बढ़ सकती है।

नितिन नवीन के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के करीब सात महीने बाद उनकी नई टीम का गठन हुआ है। अध्यक्ष बनने के बाद से ही पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा का इंतजार किया जा रहा था। अब नई टीम के जरिए संगठन को अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों के लिए नई दिशा देने की कोशिश की गई है।

 उत्तर प्रदेश पर विशेष फोकस

भाजपा की नई टीम में उत्तर प्रदेश को विशेष महत्व दिया गया है। 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य से छह पदाधिकारियों को संगठन में जगह दी गई है। उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण चुनावी राज्य है और नई टीम में वहां के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने अपनी चुनावी प्राथमिकता का संकेत दिया है।

इसके अलावा दिल्ली से छह, महाराष्ट्र से चार और राजस्थान से तीन नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। उत्तराखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, केरल और बिहार से भी दो-दो नेताओं को टीम में शामिल किया गया है।

चुनावी तैयारियों के साथ संगठन को मजबूत करने की कोशिश

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को केवल संगठनात्मक फेरबदल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों से नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। खास तौर पर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिखाई दे रहा है।

वसुंधरा राजे, सतीश पूनिया और स्मृति ईरानी जैसे चर्चित नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने से नई टीम में अनुभवी और प्रभावशाली चेहरों का मिश्रण नजर आ रहा है। अब इन पदाधिकारियों के सामने पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाले चुनावों में भाजपा की रणनीति को जमीन तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

नई टीम के ऐलान के साथ भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को पूरा कर दिया है। अब देखना होगा कि नितिन नवीन की यह नई टीम आगामी चुनावों में पार्टी के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है।