श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट पर बवाल, बेनीवाल समर्थकों ने NH-62 रोका; रात 2 बजे बनी सहमति
श्रीगंगानगर में प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में हनुमान बेनीवाल ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट कूच पर निकले। पुलिस के रोकने पर NH-62 पर प्रदर्शन हुआ।
श्रीगंगानगर में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट का विवाद बुधवार देर रात सड़क तक पहुंच गया। नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी इलाके में प्लांट के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच सांसद हनुमान बेनीवाल ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। महियावाली टोल नाके के पास पुलिस ने काफिले को रोक दिया, जिसके बाद समर्थकों ने सूरतगढ़-श्रीगंगानगर NH-62 पर प्रदर्शन किया। देर रात तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत चलती रही और करीब 2 बजे एक अस्थायी सहमति के बाद जाम हटाया गया।
पांच महीने से चल रहा है विरोध
नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा प्लांट को लेकर ग्रामीण पिछले करीब पांच महीने से आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को गोविंद गोधाम गोशाला में महापंचायत भी आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बेनीवाल ने भी महापंचायत को संबोधित किया और इसके बाद कलेक्ट्रेट की ओर कूच का ऐलान किया। आंदोलन और महापंचायत की जानकारी स्थानीय रिपोर्टों में भी सामने आई थी।

आधे घंटे का अल्टीमेटम, फिर बढ़ा मामला
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच पहले भी बातचीत के दौर हो चुके थे, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। बुधवार शाम बेनीवाल ने प्रशासन को आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और बातचीत की कोशिश की गई। रिपोर्टों के मुताबिक कई दौर की वार्ता के बाद भी तत्काल सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद बेनीवाल समर्थक कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े।
रात 2 बजे बनी सहमति, फिलहाल काम रोकने पर फैसला
देर रात प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर बातचीत हुई। इसके बाद तत्काल कचरा प्लांट का काम रोकने पर सहमति बनी और हाईवे से प्रदर्शनकारी हट गए। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि ग्रामीणों की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और मामले की समीक्षा के लिए कमेटी रिपोर्ट तैयार करेगी।
इस तरह रातभर चले विरोध के बाद फिलहाल प्लांट को लेकर आगे की प्रक्रिया पर पुनर्विचार का रास्ता खुला है। अंतिम फैसला कमेटी की रिपोर्ट और प्रशासनिक स्तर पर आगे होने वाली कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।

पहले नेतेवाला, अब नरसिंहपुरा में प्लांट का प्रस्ताव
कचरा प्लांट का विवाद नया नहीं है। पहले श्रीगंगानगर के पास चक 6-जेड में प्लांट प्रस्तावित किया गया था, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ। इसके बाद वर्ष 2016 में जगह बदलकर नेतेवाला के चक 1 जी छोटी में प्लांट प्रस्तावित किया गया। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक वहां परियोजना को लेकर सरकारी स्वीकृतियां, एनओसी और बजट से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी।
बाद में प्रशासन ने प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा। नई जगह को लेकर भी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और इसी के बाद आंदोलन लगातार जारी रहा।
ग्रामीणों ने जताई पर्यावरण और खेती को लेकर चिंता
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित प्लांट से आसपास की कृषि भूमि, जलस्रोतों और गोशालाओं पर असर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि कचरे और प्लास्टिक के कारण आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण तथा दुर्गंध की समस्या पैदा हो सकती है।
वहीं प्रशासन के स्तर पर परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया और कमेटी की समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल देर रात बनी सहमति के बाद हाईवे जाम समाप्त हो गया है और मामले में अगली कार्रवाई कमेटी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

