गणपति को पहनाई करोड़ों के नोटों की पोशाक, सोने-चांदी से हुआ श्रृंगार; देखने उमड़ी भीड़
उदयपुर में गणेशोत्सव के दौरान दो पंडालों में गणपति का करोड़ों के नोटों से श्रृंगार किया गया। फतेहनगर और धानमंडी में कुल 6.36 करोड़ रुपए के नोटों से सजावट हुई।
उदयपुर जिले में गणेशोत्सव के दौरान बुधवार को गणपति के दो प्रमुख पंडालों में भव्य सजावट देखने को मिली। फतेहनगर के 'दादा का दरबार' में गणेशजी का करीब 3.85 करोड़ रुपए के नोटों से श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही करीब 1 किलो सोने और 41 किलो चांदी की ज्वेलरी से भी गणपति को सजाया गया।
वहीं, उदयपुर शहर के धानमंडी स्थित 'मन्नत वाले राजा' गणेश पंडाल में करीब 2.51 करोड़ रुपए के नोटों से गणपति की पोशाक तैयार की गई। दोनों पंडालों में इस अनोखे श्रृंगार के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
'दादा का दरबार' में नोटों से सजा गणपति का दरबार
फतेहनगर के दादा का दरबार गणेश पंडाल में गणपति का विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। यहां करीब 3.85 करोड़ रुपए के नोटों से भगवान गणेश की पोशाक तैयार की गई।
इसके साथ करीब 1 किलो सोने और 41 किलो चांदी की ज्वेलरी से गणपति का श्रृंगार किया गया। भव्य सजावट देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे।

'मन्नत वाले राजा' को पहनाई 2.51 करोड़ की नोटों की पोशाक
उदयपुर के धानमंडी क्षेत्र में स्थित मन्नत वाले राजा गणेश पंडाल में भी विशेष सजावट की गई। यहां करीब 2.51 करोड़ रुपए के नोटों से गणपति की पोशाक तैयार की गई।
नोटों से सजे गणपति के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। देर रात तक लोग पंडाल में पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन करते रहे।
दोनों पंडालों में करोड़ों के नोटों से हुआ श्रृंगार
दोनों पंडालों में इस्तेमाल किए गए नोटों की कुल राशि करीब 6.36 करोड़ रुपए बताई जा रही है। एक तरफ जहां फतेहनगर में नोटों के साथ सोने-चांदी के आभूषणों ने श्रृंगार को खास बनाया, वहीं धानमंडी में नोटों से तैयार पोशाक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
गणेशोत्सव के दौरान इस तरह की भव्य सजावट ने उदयपुर में उत्सव का माहौल और खास कर दिया।

