पदम सिंह सोढ़ा ने पाकिस्तान के छाछरो को छोड़ा और अब भारत के छाछरो के सरपंच बने - सीधी बात

पाकिस्तान के सिंध स्थित छाछरो से 55 साल पहले भारत आए 77 वर्षीय पदम सिंह सोढ़ा बाड़मेर के छाछरो ग्राम पंचायत के पहले सरपंच चुने गए। उन्हें 950 वोट मिले।

पदम सिंह सोढ़ा ने पाकिस्तान के छाछरो को छोड़ा और अब भारत के छाछरो के सरपंच बने - सीधी बात

राजस्थान के बाड़मेर में 77 वर्षीय पदम सिंह सोढ़ा छाछरो ग्राम पंचायत के पहले सरपंच चुने गए हैं। खास बात यह है कि करीब 55 साल पहले 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्हें पाकिस्तान के सिंध स्थित अपने पुश्तैनी गांव छाछरो को छोड़कर भारत आना पड़ा था। पाकिस्तान में उन पर भारतीय सेना की मदद करने और जासूसी के आरोप लगे थे। भारत आने के बाद वे बाड़मेर के बावड़ी कला क्षेत्र में बस गए। अब उसी नाम के भारतीय छाछरो गांव ने उन्हें 950 वोट देकर अपना सरपंच चुना है। यह जीत उनके विस्थापन, संघर्ष और नई पहचान की कहानी को एक भावुक मोड़ देती है।