कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ के बाद एक्शन में पुलिस, आयोजकों पर FIR और 14 लोग हिरासत में
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया और बोबाजार में 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लगाई।
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पंडाल आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, बोबाजार इलाके के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है।
बोबाजार में 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा
पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने बोबाजार थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इसका उद्देश्य इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
आदेश के तहत निर्धारित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के गैरकानूनी जमावड़े, लाठी या खतरनाक हथियार लेकर चलने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
पंडाल आयोजकों के खिलाफ FIR, 14 लोग हिरासत में
चोरबागान भगदड़ मामले में पुलिस ने पंडाल आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) शामिल हैं।
पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन के दौरान हुई संभावित लापरवाही की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, हिरासत में लिए जाने से किसी व्यक्ति का दोष साबित नहीं होता।
भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 25 घायल
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 17 अक्टूबर की शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी। इस घटना में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
बारिश और भीड़ का दबाव बना वजह?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम भारी बारिश के दौरान कई लोग पंडाल में शरण लेने के लिए तेजी से आगे बढ़े। इस दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और लोग गिरने लगे।
कुछ अधिकारियों ने निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणाओं और सीटी बजाने को भी संभावित कारणों में शामिल बताया है। हालांकि, भगदड़ की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है।

