पाकिस्तान में क्लासरूम में पढ़ रहे थे बच्चे, अचानक गिरी स्कूल की छत; 20 छात्रों समेत 21 की मौत

पाकिस्तान के पेशावर में अल खैर स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों और एक महिला शिक्षक की मौत हो गई। हादसे में 21 लोग घायल हुए, पांच की हालत गंभीर है।

पाकिस्तान में क्लासरूम में पढ़ रहे थे बच्चे, अचानक गिरी स्कूल की छत; 20 छात्रों समेत 21 की मौत

पाकिस्तान के पेशावर में एक स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 20 बच्चों और एक महिला शिक्षक की मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें पांच घायलों की हालत गंभीर है। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया और मलबे में फंसे छात्रों व शिक्षकों को बाहर निकाला गया।

7 से 12 साल के थे हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे

'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पेशावर के अल खैर स्कूल की छत गिरने से 20 छात्रों की मौत हुई है। मृतकों में 18 लड़के और 2 लड़कियां शामिल हैं। इन बच्चों की उम्र करीब 7 से 12 साल के बीच बताई गई है।

हादसे में एक महिला शिक्षक की भी जान चली गई। वहीं 21 लोग घायल हुए हैं। घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) में भर्ती कराया गया है, जहां हादसे के बाद इमरजेंसी घोषित की गई।

मलबे में दबे छात्रों को निकालने के लिए चला रेस्क्यू ऑपरेशन

स्कूल की छत गिरते ही कई छात्र मलबे में फंस गए। पेशावर के डिप्टी कमिश्नर अफाक वजीर के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाने का काम शुरू किया।

रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि शुरुआती तौर पर छात्रों और शिक्षकों समेत करीब 20 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था। उस समय अस्पताल प्रशासन ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़ गई।

बच्चों के परिजन पहुंचे स्कूल और अस्पताल

हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के माता-पिता और अन्य परिजन स्कूल तथा अस्पताल पहुंचने लगे। एक अभिभावक समीउल्लाह ने 'डॉन' को बताया कि उनके छह बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं।

उन्होंने बताया कि हादसे के बाद उन्हें डर था कि उनका बेटा भी मलबे में दब गया होगा। हालांकि, हादसे के समय उनका बेटा पानी पीने के लिए कक्षा से बाहर गया हुआ था और सुरक्षित बच गया। उन्होंने रेस्क्यू अभियान के दौरान तीन बच्चियों को मलबे से बाहर निकालने में भी मदद की।

गवर्नर ने मांगी हादसे की विस्तृत रिपोर्ट

खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने स्कूल की छत गिरने के कारणों की जांच करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

गवर्नर ने बच्चों की मौत को बेहद दर्दनाक त्रासदी बताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

पाकिस्तान में स्कूलों और अन्य इमारतों के ढहने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में उमरकोट के पास एक सरकारी प्राथमिक स्कूल की बाहरी दीवार गिरने से तीन बच्चियों की मौत हो गई थी।

पेशावर के इस हादसे के बाद अब स्कूल की इमारत की स्थिति और छत गिरने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।