Rupee vs Dollar: भारतीय मुद्रा रुपया ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहले बार पहुंचा 95 के पार, जानिए क्या हैं इसके कारण

Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रूपया गिरकर 95.14 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब रूपया इतना कमजोर हुआ है। आइए जानते हैं इसके कारण?

Rupee vs Dollar: भारतीय मुद्रा रुपया ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहले बार पहुंचा 95 के पार, जानिए क्या हैं इसके कारण
Rupess vs Dollar

Rupee vs Dollar: मार्च का महीना खत्म होने वाला है जिसके साथ एक वित्तीय वर्ष भी खत्म हो जाएगा और 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा उसके पहले एक बुरी खबर है। 30 मार्च को रुपया में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रूपया गिरकर 95.14 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब रूपया इतना कमजोर हुआ है। अब आपके मन में प्रश्न उठ रहा होगा आखिर रूपया इतना कमजोर क्यों हो रहा है और इसे कैसे सुधारा जा सकता है? तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बना रूपया

आंकड़ों की माने तो भारतीय मुद्रा रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है। यह 1 जनवरी, 2026 से अब तक अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले 4.1% गिर चुकी है। सोमवार के शुरुआती कारोबार में स्थानीय करेंसी डॉलर के मुकाबले 93.59 पर ट्रेड कर रही थी, जो 27 मार्च को दर्ज किए गए 94.85 के रिकॉर्ड निचले स्तर से 1.3 फीसदी की बढ़त पर थी लेकिन शाम होते होते 95 के स्तर को पार कर 95.14 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर जा गिरा।

क्यों हो रहा रुपया कमजोर?

अभी मिडिल ईस्ट में ईरान कॉन्फ्लिक्ट के कारण ऑयल कीमतों में उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड $120 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। अब हर $10 की बढ़ोतरी से भारत का इंपोर्ट बिल करीब 15 बिलियन बढ़ जाता है और करंट अकाउंट डेफिसिट यानी सीएडी 0.4 से का इसमें इजाफा होता है। अगर ऑयल लंबे समय तक महंगा रहा यानी कच्चा तेल क्रूड ऑयल लंबे समय तक महंगा रहा तो करंट अकाउंट डेफिसिट यानी जो चालू खाता है भारत का उसका जो लॉस है जो डेफिसिट है वो 3% तक जा सकता है।

एफआईआई आउटफ्लो मार्च 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 8 बिलियन से ज्यादा निकाल लिए। इससे रुपए पर सीधा दबाव पड़ गया। यानी एफआईआई अगर बिकवाली तेजी से कर रहे हैं तो भारतीय रुपए पर इसका असर पड़ता दिखाई देगा। इसके अलावा एक कारण यह भी है जो हमारे राजनेता देते हैं कि भारतीय रुपया तो कमजोर है लेकिन यूएस डॉलर उसके मुकाबले काफी मजबूत है। जब भी वैश्विक चुनौतियां आती हैं तो निवेशक डॉलर में पैसा डालते हैं जिससे रुपया और ज्यादा कमजोर होता जाता है।

आजादी से अब तक 2800% गिरा रुपया

1947 में जब देश आजाद हुआ था। $1 की कीमत थी ₹3.30 और आज वही ₹93 के पार पहुंच चुकी है। यानी 2800% से ज्यादा गिरावट रुपए में हो चुकी है। कुछ एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट की मानें तो वर्स्ट केस सिनेरियो लेकर के अगर चलें तो उसमें ₹100 प्रति डॉलर भी पॉसिबल है।