Dholpur News: धौलपुर-गढ़ी सांधरा और बाड़ी के बीच इसी साल दौड़ेगी ट्रेन, नवंबर-दिसंबर में शुरू हो सकता है संचालन
धौलपुर-गढ़ी सांधरा और बाड़ी के बीच नवंबर-दिसंबर 2026 में ट्रेन संचालन शुरू होने की संभावना है। धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना जून 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है।
धौलपुर-सरमथुरा-गंगापुर सिटी रेल परियोजना के पहले चरण का काम जारी है। रेलवे के अनुसार धौलपुर से गढ़ी सांधरा और बाड़ी सेक्शन में नवंबर-दिसंबर 2026 के बीच ट्रेन संचालन शुरू होने की संभावना है, जबकि सरमथुरा तक कनेक्टिविटी के लिए जून 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है।
धौलपुर-बाड़ी के बीच ट्रेन का इंतजार जल्द होगा खत्म
धौलपुर जिले के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। धौलपुर-सरमथुरा-गंगापुर सिटी रेल परियोजना के पहले चरण के तहत धौलपुर से गढ़ी सांधरा और बाड़ी के बीच ट्रेन संचालन इसी साल शुरू होने की संभावना है।
आगरा रेल मंडल के अनुसार इस सेक्शन में नवंबर-दिसंबर 2026 के बीच ट्रेन चलाने की तैयारी है। इससे बाड़ी और गढ़ी सांधरा क्षेत्र के लोगों को रेल कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलने लगेगा।
ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़े काम पूरे
धौलपुर-गढ़ी सांधरा और बाड़ी सेक्शन में रेल लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा ट्रैक सिग्नल, कम्युनिकेशन सिस्टम, छोटे पुल और पुलियों समेत कई जरूरी काम भी पूरे किए जा चुके हैं।
इन कामों के पूरा होने के बाद अब इस हिस्से में ट्रेन संचालन शुरू करने की दिशा में तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।
सरमथुरा तक ट्रेन के लिए करना होगा इंतजार
धौलपुर से बाड़ी तक ट्रेन सेवा शुरू होने के बावजूद सरमथुरा तक रेल कनेक्टिविटी के लिए यात्रियों को अभी कुछ समय और इंतजार करना होगा।
रेलवे के अनुसार धौलपुर-सरमथुरा ब्रॉडगेज लाइन का काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सरमथुरा से आगे करौली जिले की ओर रेल लाइन विस्तार के लिए आगे के चरण में सर्वे, भूमि आवंटन और बजट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कोटा और गुजरात की ओर नया रेल रूट मिलेगा
पूरी परियोजना के पूरा होने के बाद धौलपुर क्षेत्र को गंगापुर सिटी के जरिए कोटा मंडल से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों के लिए कोटा और आगे गुजरात की दिशा में रेल संपर्क का नया विकल्प विकसित होगा।
फिलहाल धौलपुर जिले के यात्रियों को कोटा मंडल की ओर जाने के लिए आगरा, मथुरा, रूपवास, बयाना या भरतपुर जैसे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
नई रेल लाइन शुरू होने के बाद यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी नया मार्ग मिलने की संभावना है। रेलवे के लिए यह रूट कोटा, रतलाम, मुंबई और गुजरात की ओर मालगाड़ियों के संचालन में उपयोगी हो सकता है।
धौलपुर स्टेशन पर भी चल रहा निर्माण कार्य
धौलपुर रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अब सड़क की ओर मुख्य द्वार और अन्य सुविधाओं से जुड़े काम किए जा रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत वाहन, ऑटो और ई-रिक्शा पार्किंग लेन से होकर स्टेशन परिसर में आ-जा सकेंगे। यात्रियों के लिए नए फुट ओवरब्रिज (FOB) के जरिए स्टेशन भवन और प्लेटफॉर्म के बीच आवाजाही की सुविधा विकसित की जा रही है।
पुरानी नैरोगेज लाइन की जगह बनी ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी
धौलपुर की पुरानी नैरोगेज रेल लाइन का इतिहास भी काफी पुराना है। करीब 115 वर्ष पहले ब्रिटिश काल में धौलपुर रियासत के समय इस रेल लाइन की शुरुआत हुई थी।
इसे धौलपुर-बाड़ी लाइट रेलवे के नाम से जाना जाता था। शुरुआती दौर में इस लाइन का इस्तेमाल रेड स्टोन की ढुलाई के लिए किया गया और बाद में यात्री ट्रेनों का संचालन भी हुआ।
अब इसी पुराने रेल नेटवर्क क्षेत्र में ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है।
मथुरा-झांसी तीसरी रेल लाइन का काम भी जारी
आगरा रेल मंडल में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए मथुरा-झांसी तीसरी रेल लाइन परियोजना पर भी काम चल रहा है। इसके तहत भांडई-कीथम बाइपास लाइन का निर्माण किया जा रहा है।
करीब 26.5 किलोमीटर लंबी बाइपास लाइन का लगभग 82 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,960.76 करोड़ रुपए बताई गई है।
बाइपास लाइन के जरिए आगरा क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने और रेल यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

