RPSC SI री-एग्जाम: 8 साल की मेहनत, गेट पर थम गया सपना

RPSC SI Re-Exam के दौरान जयपुर के गांधी नगर परीक्षा केंद्र के बाहर एक महिला अभ्यर्थी के रोने का वीडियो सामने आया। अभ्यर्थी का दावा है कि वह सुबह करीब 9 बजे केंद्र पहुंची, लेकिन गेट बंद होने के कारण उसे प्रवेश नहीं मिला। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड से निर्धारित समय की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

RPSC SI री-एग्जाम: 8 साल की मेहनत, गेट पर थम गया सपना

RPSC SI Re-Exam: आठ साल की तैयारी… परीक्षा केंद्र तक पहुंची, लेकिन गेट के बाहर ही रह गया इंतजार। जयपुर के गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी स्कूल नंबर-2 के बाहर रविवार को एक महिला अभ्यर्थी भावुक होकर रोती नजर आई। उसका कहना था कि वह सुबह करीब 9 बजे परीक्षा केंद्र पहुंची थी, लेकिन तब तक गेट बंद हो चुका था और उसे अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थी ने काफी देर तक प्रवेश की गुहार लगाई, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी।

महिला अभ्यर्थी के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा छूटने की घटना नहीं थी। उसके मुताबिक वह करीब आठ साल से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है। वर्ष 2021 में भी उसने SI भर्ती परीक्षा दी थी। इसके बाद भी उसने तैयारी जारी रखी। इसी दौरान उसकी शादी भी हुई, लेकिन सरकारी नौकरी पाने का सपना उसने नहीं छोड़ा। इस बार वह दोबारा SI परीक्षा देने जयपुर पहुंची थी।

बताया गया कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश का निर्धारित समय सुबह 9 बजे तक था। अभ्यर्थी का दावा है कि वह करीब 9 बजे केंद्र पहुंची थी। वहां गेट बंद मिलने के बाद उसने अंदर जाने की अनुमति मांगी। वह काफी देर तक अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रवेश देने की अपील करती रही। जब उसे अनुमति नहीं मिली तो वह भावुक हो गई और गेट के बाहर ही रोने लगी।

आठ साल की तैयारी, निजी जिंदगी की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना और फिर परीक्षा के दिन केंद्र तक पहुंचकर भी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाना—इस घटना ने अभ्यर्थी की पूरी कहानी को भावनात्मक बना दिया। हालांकि, निर्धारित समय के बाद प्रवेश की अनुमति दी जा सकती थी या नहीं, यह परीक्षा के नियमों और केंद्र की आधिकारिक व्यवस्था पर निर्भर करता है।

इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश की टाइमिंग और अभ्यर्थियों को दी गई जानकारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा में समय की पाबंदी और सुरक्षा जांच के लिए सख्त नियम तय किए जाते हैं, खासकर पुनः आयोजित की जा रही SI भर्ती परीक्षा में व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई है। ऐसे में यह भी अहम है कि अभ्यर्थियों को गेट बंद होने के समय और रिपोर्टिंग टाइम की जानकारी कितनी स्पष्ट रूप से दी गई थी।

फिलहाल इस पूरे मामले में अभ्यर्थी की ओर से बताई गई टाइमिंग और परीक्षा केंद्र के आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यही रिकॉर्ड यह तय करेगा कि अभ्यर्थी निर्धारित समय के भीतर पहुंची थी या प्रवेश समय समाप्त होने के बाद। लेकिन जयपुर के परीक्षा केंद्र के बाहर रोती उस अभ्यर्थी की तस्वीर ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया—सालों की तैयारी के बाद परीक्षा देने का मौका मिलने से पहले ही अगर गेट बंद हो जाए, तो उस एक मिनट की कीमत कौन समझेगा?