बिहार बाढ़ पीड़ितों को आज बड़ी राहत, 8.27 लाख परिवारों के खाते में पहुंचेंगे 7-7 हजार रुपये
बिहार में बाढ़ प्रभावित 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों को आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी डीबीटी के जरिए 7-7 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देंगे। कुल 579.23 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे।
बिहार में बाढ़ से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए आज राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएंगे। पटना के संकल्प सभागार में होने वाले कार्यक्रम के दौरान डीबीटी के जरिए 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
579 करोड़ से ज्यादा की सहायता सीधे खातों में
सरकार की ओर से दी जाने वाली इस सहायता के तहत कुल 579.23 करोड़ रुपये की राशि बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में भेजी जाएगी। सुबह करीब 11:30 बजे होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी डीबीटी के जरिए राहत राशि जारी करेंगे।
इसका मकसद बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद पहुंचाना है, ताकि जरूरी घरेलू खर्च और बाढ़ से हुए नुकसान के बीच उन्हें कुछ राहत मिल सके।
15 जिलों में बाढ़ का असर
बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के 15 जिलों में करीब 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
कई नदियां अब भी खतरे के निशान के ऊपर
कुछ इलाकों में जलस्तर में कमी जरूर आई है, लेकिन कई नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर घट रहा है, जबकि बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक और पटना के दीघा घाट, गांधी घाट व हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से ऊपर है।
भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में भी गंगा का जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। इसके अलावा श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1260 सामुदायिक रसोई
राहत कार्यों के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए 1260 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों तक नियमित भोजन पहुंचाया जा सके।
वहीं बाढ़ का असर पशुधन पर भी पड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए हरा और सूखा चारा पहुंचाने के साथ जरूरी दवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।
बारिश ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
बाढ़ के बीच बिहार में बारिश का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, बक्सर, भोजपुर और रोहतास समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
ऐसे में प्रशासन के सामने एक साथ राहत, जलस्तर और मौसम की चुनौती बनी हुई है।
राहत के बीच चुनौती अभी बाकी
सरकार की ओर से आज आर्थिक सहायता जारी होने से लाखों बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद मिलेगी, लेकिन कई इलाकों में नदियों का जलस्तर और बारिश की संभावना स्थिति को चुनौतीपूर्ण बनाए हुए है। ऐसे में आने वाले दिनों में राहत और बचाव अभियान पर निगाह बनी रहेगी।

