राजस्थान में मानसून की आखिरी करवट, आज 26 जिलों में बारिश का अलर्ट; 19 सितंबर से विदाई के संकेत
राजस्थान में मानसून अंतिम दौर में पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आज 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना है।
राजस्थान में मानसून अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर से राजस्थान में मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो सकता है।
मंगलवार को अजमेर और पाली समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश के साथ चली हवाओं ने उमस और गर्मी से राहत दिलाई। इसका असर तापमान पर भी दिखाई दिया। सिरोही, डूंगरपुर, उदयपुर और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
पाली के देसुरी में 24 MM बारिश
पिछले 24 घंटे में पाली के देसुरी में सबसे ज्यादा 24 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अजमेर, भरतपुर, कोटा, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, माउंट आबू, डूंगरपुर, जालौर, राजसमंद और नागौर के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हुई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बना लो-प्रेशर सिस्टम अब गुजरात के कच्छ क्षेत्र के आसपास पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से राजस्थान में आज और कल भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
कई शहरों में 1 से 4 डिग्री तक गिरा पारा
मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर हल्के बादल छाए रहे और हवा चलती रही। वातावरण में नमी के कारण मौसम में ठंडक महसूस हुई। इसके चलते कई शहरों के अधिकतम तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जैसलमेर में मंगलवार को प्रदेश का सबसे अधिक 39.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
19 सितंबर से मानसून की विदाई के संकेत
अब मौसम का फोकस बारिश से ज्यादा मानसून की विदाई पर है। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार 19 सितंबर से राजस्थान के पश्चिमी हिस्से से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। इसके लिए वातावरण में जरूरी बदलाव दिखाई देने लगे हैं।
पश्चिमी हवाएं मजबूत हो रही हैं और हरियाणा-दिल्ली-राजस्थान सीमा के आसपास एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम बनने की स्थिति बन रही है। वहीं, जैसलमेर और पाकिस्तान सीमा से लगे इलाकों में पिछले कुछ समय से बारिश की गतिविधियां कमजोर हुई हैं। मौसम से जुड़े इन संकेतों को मानसून की विदाई के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
यानी राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। अगले दो दिनों की बारिश के बाद पश्चिमी हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे बदलने के संकेत हैं।

