Rajasthan Nikay Chunav 2026: जयपुर-जोधपुर-कोटा के 10 बूथों पर पुनर्मतदान, EVM खराबी से अटके नतीजे

Rajasthan Nikay Chunav 2026 में EVM में तकनीकी खराबी के कारण जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के 10 बूथों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान हो रहा है। इन वोटों की गिनती 17 सितंबर को होगी, जिसके बाद अटके वार्डों के नतीजे स्पष्ट होंगे।

Rajasthan Nikay Chunav 2026: जयपुर-जोधपुर-कोटा के 10 बूथों पर पुनर्मतदान, EVM खराबी से अटके नतीजे

Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव के तहत बुधवार, 16 सितंबर को जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुल 10 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। इन बूथों पर मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी सामने आई थी, जिसके कारण कुछ वोटों का परिणाम मशीन से प्रदर्शित नहीं हो सका। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रभावित मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया।

पुनर्मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा। इन वोटों की गिनती 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी।

जयपुर के 5 बूथों पर दोबारा मतदान

पुनर्मतदान के लिए जयपुर नगर निगम के चार वार्डों के पांच बूथ चुने गए हैं। इनमें वार्ड 9 का बूथ नंबर 111, वार्ड 18 का बूथ नंबर 235, वार्ड 25 का बूथ नंबर 343 और वार्ड 34 के बूथ नंबर 477 व 484 शामिल हैं।

जोधपुर नगर निगम के वार्ड 50 के बूथ नंबर 338 और कोटा नगर निगम के तीन बूथों पर भी पुनर्मतदान हो रहा है। इसके अलावा कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका के वार्ड 4 के बूथ नंबर 5 पर भी दोबारा वोट डाले जा रहे हैं। कुल मिलाकर जयपुर के पांच, कोटा के तीन, जोधपुर के एक और सुकेत के एक बूथ पर पुनर्मतदान है।

क्यों कराना पड़ा पुनर्मतदान?

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, सोमवार को मतगणना के दौरान कुछ EVM में तकनीकी समस्या के चलते रिकॉर्ड हुए वोट प्रदर्शित नहीं हो सके। संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों की रिपोर्ट की जांच के बाद आयोग ने पाया कि प्रभावित वोटों की संख्या संबंधित वार्ड में जीत और दूसरे स्थान के उम्मीदवार के बीच वोटों के अंतर से अधिक थी।

ऐसे में इन वोटों के आधार पर परिणाम घोषित करना उचित नहीं था। इसके बाद प्रभावित बूथों पर नए सिरे से मतदान कराने का निर्णय लिया गया।

केवल संबंधित बूथ के मतदाता ही डाल सकेंगे वोट

पुनर्मतदान में केवल उन्हीं मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति है, जिनके नाम संबंधित मतदान केंद्र की मूल मतदाता सूची में दर्ज हैं।

पुनर्मतदान के दौरान पहले मतदान में लगाई गई अमिट स्याही के निशान को आधार नहीं बनाया जा रहा है। इसके बजाय मतदाताओं के बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली पर नई अमिट स्याही लगाई जा रही है। पुनर्मतदान के लिए नए मतपत्र और आवश्यक चुनाव सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।

17 सितंबर को होगी मतगणना

बुधवार शाम 6 बजे पुनर्मतदान समाप्त होने के बाद EVM और चुनाव सामग्री को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाएगा। इसके बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से पुनर्मतदान में पड़े वोटों की गिनती शुरू होगी।

इन बूथों के नतीजे सामने आने के बाद ही संबंधित वार्डों के अटके हुए परिणाम स्पष्ट होंगे। जयपुर, जोधपुर और कोटा के महापौर चुनावों से जुड़ी प्रक्रिया भी इन लंबित नतीजों के कारण प्रभावित हुई है। राजस्थान के बाकी 305 नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 21 और 22 सितंबर का कार्यक्रम अलग से जारी किया गया है।