मध्य प्रदेश में जहरीली शराब का कहर: 11 की मौत, कई की हालत गंभीर; जांच में सामने आया यूपी कनेक्शन

मध्य प्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली और अवैध शराब पीने के बाद 11 लोगों की मौत की खबर है, जबकि प्रशासन ने फिलहाल 10 मौतों की पुष्टि की है। करीब 35 लोगों का इलाज चल रहा है और शुरुआती जांच में मिथाइल अल्कोहल की आशंका जताई गई है।

मध्य प्रदेश में जहरीली शराब का कहर: 11 की मौत, कई की हालत गंभीर; जांच में सामने आया यूपी कनेक्शन

MP Poisonous Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली और अवैध शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। अब तक 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, हालांकि जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने फिलहाल 10 मौतों की पुष्टि की है। करीब 35 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका जताई गई है।

मध्य प्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली शराब का मामला गंभीर होता जा रहा है। बंडा थाना क्षेत्र के नौरोजा और घुघरा खुर्द गांव में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते लोगों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया।

प्रशासन के मुताबिक शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे मामले की पहली सूचना मिली। इसके बाद स्वास्थ्य और प्रशासनिक टीमें सक्रिय हुईं और प्रभावित गांवों में जांच शुरू की गई।

11 मौतों की खबर, प्रशासन ने 10 की पुष्टि की

इस घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से फिलहाल 10 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। अस्पतालों में भर्ती कई अन्य लोगों का इलाज जारी है।

करीब 35 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया था। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है। कुछ मरीजों की हालत को देखते हुए मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

 गांव-गांव स्क्रीनिंग, शराब पीने वालों की तलाश

कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने हाल के समय में संदिग्ध शराब का सेवन किया था।

जिन लोगों में स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें तत्काल जांच और इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। प्रशासन का फोकस ऐसे सभी लोगों तक जल्द पहुंचने पर है, जिनकी तबीयत बिगड़ने की आशंका हो सकती है।

 शुरुआती जांच में मिथाइल अल्कोहल की आशंका

कलेक्टर के अनुसार अब तक हुए कुछ पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक जांच में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका सामने आई है। हालांकि मामले की अंतिम स्थिति विस्तृत फोरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

पुलिस और प्रशासन शराब के स्रोत और इसकी सप्लाई चेन की भी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती पड़ताल में शराब की सप्लाई का लिंक उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ने की बात सामने आई है।

 ललितपुर तक पहुंची जांच, कुछ लोग हिरासत में

सागर के एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्राथमिक जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। ललितपुर में भी संभावित सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

अस्पताल में गंभीर हालत में पहुंचे मरीज

अस्पताल पहुंचे मरीजों में कुछ की स्थिति बेहद गंभीर बताई गई। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में गंभीर शारीरिक लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार दिया गया।

संदिग्ध मामलों को देखते हुए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में प्रभावित मरीजों के लिए अलग से बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

 6 शराब दुकानें सील, प्रशासन का बड़ा एक्शन

घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में कार्रवाई तेज कर दी है। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी भी गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से जानकारी ली।

एहतियात के तौर पर क्षेत्र की **6 शराब दुकानों को सील** कर दिया गया है। इन दुकानों से शराब के सैंपल लेकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

 CM मोहन यादव बोले- दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और सरकार इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि इस घटना के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

 सवालों के घेरे में अवैध शराब का नेटवर्क

सागर की इस घटना ने एक बार फिर अवैध और संदिग्ध शराब की सप्लाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध शराब प्रभावित गांवों तक कैसे पहुंची और निगरानी व्यवस्था इसे समय रहते रोक क्यों नहीं सकी?

फिलहाल पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक जांच और पुलिस की पड़ताल जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह, शराब में मौजूद तत्वों और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की जिम्मेदारी पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।