सिक्किम में बड़ा लैंडस्लाइड: मलबे से थमीं तीस्ता-च्याकोङ नदियां, अब डाउनस्ट्रीम इलाकों में अलर्ट
Sikkim Landslide News: उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में भारी भूस्खलन से तीस्ता और च्याकोङ नदियों का बहाव प्रभावित हुआ। तीस्ता का पानी अब मलबे के बीच से दोबारा बहने लगा है, जबकि च्याकोङ नदी का प्रवाह अभी आंशिक रूप से बाधित है।
Sikkim Landslide News: उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में रविवार तड़के पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। भारी मलबा नदियों के संगम के पास जमा होने से तीस्ता और च्याकोङ नदियों का बहाव प्रभावित हो गया। कुछ समय के लिए तीस्ता नदी का प्रवाह भी लगभग थम गया था। हालांकि अब तीस्ता का पानी मलबे के बीच से दोबारा बहने लगा है, जबकि च्याकोङ नदी का बहाव अभी भी आंशिक रूप से बाधित बताया जा रहा है।
उत्तरी सिक्किम में बारिश के बीच हुए इस बड़े भूस्खलन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मंगन जिले के नागा वन क्षेत्र में नागा-तोसा मार्ग की नई सड़क कटाई के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। यह स्थान थेंग सुरंग के सामने बताया जा रहा है।
लैंडस्लाइड के बाद बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और चट्टानों का मलबा नीचे आकर जमा हो गया। इसका असर आसपास से बहने वाली तीस्ता और च्याकोङ नदियों पर पड़ा। नदियों के संगम के पास मलबा जमा होने से पानी का प्रवाह कुछ समय के लिए बाधित हुआ।
मलबे के बीच से फिर बहने लगी तीस्ता
भूस्खलन के बाद तीस्ता नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से रुक गया था। हालांकि राहत की बात यह है कि अब पानी ने मलबे के बीच से अपना रास्ता बना लिया है और तीस्ता का बहाव दोबारा शुरू हो गया है।
वहीं च्याकोङ नदी पर अभी भी लैंडस्लाइड का असर बना हुआ है। मलबे के कारण इसका प्रवाह आंशिक रूप से बाधित है और कुछ स्थानों पर पानी जमा होने की स्थिति देखी जा रही है।
नदियों के प्रवाह में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहा है।
डाउनस्ट्रीम इलाकों में अलर्ट
नदी के प्रवाह में रुकावट और मलबा जमा होने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए निचले इलाकों यानी डाउनस्ट्रीम बेल्ट में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और पुलिस ने लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन की ओर से स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की पुष्टि होने तक अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
खासकर नदी के नजदीक रहने वाले लोगों को जलस्तर में अचानक बदलाव की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
राहत की बात यह है कि इस बड़े भूस्खलन में अभी तक किसी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि मंगन पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में संपत्तियों को हुए संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
भूस्खलन के बाद संबंधित इलाकों में प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
सांकलंग और फिदांग में जलस्तर सामान्य
प्रशासन के अनुसार सांकलंग और फिदांग चौकियों पर फिलहाल नदियों का जलस्तर सामान्य बना हुआ है। हालांकि भूस्खलन के मलबे और मिट्टी के नदी में पहुंचने के कारण पानी का रंग मटमैला हो गया है।
चुंगथांग और थेंग में तैनात पुलिस तथा प्रशासनिक टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों की नजर खास तौर पर नदियों के जलस्तर और मलबे के कारण बन रही स्थिति पर है।
बारिश के बीच बढ़ी सतर्कता
हिमालयी क्षेत्र में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है। ऐसे में उत्तरी सिक्किम की इस घटना ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। एक तरफ पहाड़ से लगातार मलबा आने की आशंका है, वहीं दूसरी ओर नदी के प्रवाह में रुकावट से अचानक जलस्तर बदलने का खतरा भी रहता है।
फिलहाल तीस्ता नदी का बहाव दोबारा शुरू होना राहत की बात है, लेकिन च्याकोङ नदी के आंशिक रूप से बाधित होने के कारण प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर है कि मलबा पूरी तरह हटने और दोनों नदियों का प्रवाह सामान्य होने में कितना समय लगता है।

