8th Pay Commission: 7 सितंबर से चेन्नई में बैठक, सैलरी-पेंशन बढ़ाने समेत इन मांगों पर होगी चर्चा
8वें वेतन आयोग की अगली क्षेत्रीय बैठक 7-8 सितंबर 2026 को चेन्नई में होगी। कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठन सालाना इंक्रीमेंट, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, OPS और पेंशन बढ़ोतरी समेत कई मांगें आयोग के सामने रखेंगे।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बैठकों का अगला दौर 7 सितंबर 2026 से चेन्नई में शुरू होने जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाली इन बैठकों में केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अन्य संबंधित पक्ष वेतन, पेंशन और भत्तों में संभावित बदलाव को लेकर अपनी मांगें और सुझाव रखेंगे।
हाल ही में जयपुर में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद चेन्नई में होने वाली यह बैठक कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग
चेन्नई बैठक में कर्मचारियों की ओर से सालाना सैलरी इंक्रीमेंट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मौजूदा 3 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट पर्याप्त नहीं है।
यूनियनों की ओर से इसे बढ़ाकर 5 से 7 प्रतिशत करने की मांग की जा रही है। कर्मचारियों का तर्क है कि इससे उनकी बेसिक सैलरी में बेहतर बढ़ोतरी हो सकेगी।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने पर जोर
कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 7वें वेतन आयोग के 2.57 से अधिक रखने की मांग कर रहे हैं। इसका सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ेगा।
संगठनों की मांग है कि नए वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे में भी पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है।
पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा भी उठेगा
बैठक में पेंशनभोगी संगठनों की ओर से पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग भी उठाई जा सकती है। इसके अलावा लेवल 4 से 7 तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन दरों में सुधार को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से पोस्टिंग और ट्रांसफर के दौरान आने वाली लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं को भी बैठक में उठाया जाएगा।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग
8वें वेतन आयोग के तहत पेंशनभोगियों के पेंशन अमाउंट में बढ़ोतरी की मांग भी जोर पकड़ रही है। संगठनों की मांग है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद लेवल-7 के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय 58,000 रुपये या उससे अधिक बेसिक पेंशन मिल सके।
हालांकि, अंतिम पेंशन राशि कई कारकों पर निर्भर करेगी। इसमें सरकार की ओर से तय किया जाने वाला फिटमेंट फैक्टर और रिटायरमेंट के समय कर्मचारी का पे-मैट्रिक्स स्टेज प्रमुख हैं।
7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-7 में शुरुआती बेसिक पे 44,900 रुपये है, जबकि अधिकतम बेसिक पे 1,42,400 रुपये तक जाती है।
सितंबर और अक्टूबर में बैठकों का शेड्यूल
8वें वेतन आयोग से जुड़ी क्षेत्रीय बैठकों का कार्यक्रम इस प्रकार है:
7-8 सितंबर 2026: चेन्नई में दक्षिण भारत के कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ चर्चा।
9 सितंबर 2026: पुडुचेरी में स्थानीय केंद्र शासित प्रदेश के यूनियनों के साथ परामर्श।
16-18 सितंबर 2026: चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के हितधारकों के साथ बैठक।
7-8 अक्टूबर 2026: बेंगलुरु में कर्नाटक क्षेत्र के कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा।
इन बैठकों में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठन अपनी मांगें आयोग के सामने रखेंगे। हालांकि, वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन में अंतिम बदलाव को लेकर फैसला सरकार और वेतन आयोग की आगे की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

