11 साल बाद PM मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक, परफॉर्मेंस से लेकर योजनाओं तक होगा पूरा रिव्यू

PM Modi Review Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 सितंबर को ‘सेवा तीर्थ’ में मंत्रिपरिषद की हाई-लेवल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। करीब 11 साल बाद राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के साथ सीधे संवाद में सरकारी योजनाओं, प्रदर्शन और ‘विकसित भारत’ के एजेंडे पर चर्चा होगी।

11 साल बाद PM मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक, परफॉर्मेंस से लेकर योजनाओं तक होगा पूरा रिव्यू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 7 सितंबर को मंत्रिपरिषद की हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। नई दिल्ली के ‘सेवा तीर्थ’ में होने वाली इस बैठक में सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक न्याय और कृषि से जुड़े एजेंडे की समीक्षा की जाएगी। बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि करीब 11 साल बाद प्रधानमंत्री अपने राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के साथ सीधे संवाद करेंगे।

11 साल बाद राज्य मंत्रियों से आमने-सामने होंगे PM मोदी

इस बैठक की सबसे खास बात प्रधानमंत्री मोदी का राज्य मंत्रियों के साथ सीधा संवाद होगा। इससे पहले मार्च 2015 में उन्होंने अपने जूनियर मंत्रियों के साथ इसी तरह की बैठक की थी। लंबे अंतराल के बाद होने वाली इस बैठक को सरकार के कामकाज और मंत्रियों की भूमिका के व्यापक आकलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

सरकार में फिलहाल 36 राज्य मंत्री और 5 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं। बैठक में इन मंत्रियों को अपने-अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों, योजनाओं की प्रगति और आगे की प्राथमिकताओं पर बात रखने का मौका मिलेगा।

हर मंत्री को मिलेगा 3 मिनट का समय

बैठक में मंत्रियों से केवल मंत्रालय की सामान्य रिपोर्ट नहीं मांगी जाएगी, बल्कि उन्हें अपनी उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखने का अवसर भी मिलेगा। इसके लिए प्रत्येक मंत्री को करीब 3 मिनट का समय दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस दौरान फ्लैगशिप योजनाओं का असर, उनके क्रियान्वयन की स्थिति और जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हो सकती है।

मंत्रियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी नजर

बैठक का फोकस सिर्फ योजनाओं की प्रगति तक सीमित नहीं रहने वाला है। मंत्रियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन, काम करने की शैली और मंत्रालयों में फैसलों की गति की भी समीक्षा किए जाने की चर्चा है।

ऐसे में यह बैठक कई मंत्रियों के लिए अपनी कार्यक्षमता और उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का अहम मौका मानी जा रही है।

कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच बैठक अहम

प्रधानमंत्री की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सरकारी योजनाओं और मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा पर केंद्रित बताया जा रहा है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा को खास महत्व मिल रहा है।

विकसित भारत’ पर हो सकता है खास जोर

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री बैठक में मंत्रियों को जनता के साथ सीधा संवाद बढ़ाने, फाइलों और सरकारी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की देरी दूर करने के निर्देश दे सकते हैं।

सरकार के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी बैठक की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रह सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि इस रिव्यू मीटिंग के बाद सरकार और मंत्रियों के कामकाज को लेकर क्या नई दिशा तय होती है।