NEET UG री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, व्हाट्सएप पर कार्रवाई क्यों नहीं?
NTA की सिफारिश पर टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है
NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। एजेंसी का कहना है कि कुछ लोग टेलीग्राम के जरिए छात्रों को कथित तौर पर नकली प्रश्नपत्र बेचने और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक जानकारी फैलाने का काम कर रहे थे। परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सिर्फ टेलीग्राम पर ही कार्रवाई क्यों?:
टेलीग्राम पर रोक लगने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब व्हाट्सएप और टेलीग्राम दोनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैं, तो कार्रवाई केवल टेलीग्राम पर ही क्यों की गई। NTA के अनुसार, टेलीग्राम पर "पेपर लीक नीट", "री-नीट 2026" और "प्राइवेट माफिया" जैसे नामों वाले कई चैनल और ग्रुप सक्रिय थे। इन चैनलों के जरिए छात्रों से कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र देने के नाम पर लाखों रुपये मांगे जा रहे थे।

गुमनामी और बड़े चैनल बने वजह
टेलीग्राम की संरचना इसे ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशील बनाती है। इस प्लेटफॉर्म पर यूजर अपना मोबाइल नंबर छिपाकर केवल यूजरनेम के माध्यम से भी सक्रिय रह सकता है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति लाखों सदस्यों वाला चैनल बना सकता है, जबकि चैनल संचालक की पहचान सार्वजनिक नहीं होती। इससे संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों का पता लगाना कठिन हो जाता है।

बड़ी फाइलें आसानी से होती हैं शेयर
टेलीग्राम पर 2GB तक की फाइल आसानी से साझा की जा सकती है। इसी कारण फिल्में, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री के साथ-साथ कथित प्रश्नपत्र और PDF फाइलें भी तेजी से प्रसारित की जा सकती हैं। कई बार इन्हें असली पेपर बताकर छात्रों को गुमराह किया जाता है।
मैसेज एडिट फीचर पर भी सवाल
NTA ने टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को भी चिंता का विषय बताया है। एजेंसी के अनुसार कुछ लोग पुराने संदेशों में बाद में बदलाव कर उन्हें कथित पेपर लीक का सबूत बताने की कोशिश कर रहे थे। इसी वजह से भारत में टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर को 30 जून 2026 तक बंद करने का निर्देश दिया गया है।

व्हाट्सएप क्यों नहीं हुआ प्रभावित?
व्हाट्सएप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन डिफॉल्ट रूप से लागू रहता है। साथ ही टेलीग्राम की तरह बड़े सार्वजनिक और गुमनाम चैनलों का संचालन यहां आसान नहीं है। व्हाट्सएप पर मैसेज एडिट करने की सुविधा भी सीमित समय के लिए उपलब्ध रहती है। कंपनी संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए विभिन्न तकनीकी प्रणालियों और AI टूल्स का उपयोग करती है। व्हाट्सएप का दावा है कि वह निजी संदेश नहीं पढ़ता, लेकिन सार्वजनिक गतिविधियों और असामान्य पैटर्न पर नजर रखता है, जिससे गलत गतिविधियों के खिलाफ अपेक्षाकृत तेजी से कार्रवाई संभव होती है।
अस्थायी है प्रतिबंध
सरकार और NTA का कहना है कि टेलीग्राम पर लगाया गया प्रतिबंध स्थायी नहीं है। यह कदम केवल NEET UG 2026 री-टेस्ट की निष्पक्षता बनाए रखने और छात्रों को कथित धोखाधड़ी व भ्रामक सूचनाओं से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। फिलहाल यह प्रतिबंध 21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके बाद की निर्धारित अवधि तक लागू रहेगा।
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