राजस्थान कांग्रेस में फिर उभरी गुटबाजी! हार का ठीकरा अपनों पर, आलाकमान को लेकर भी छिड़ी नई जंग

Rajasthan Congress News: जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने चुनावी हार, गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर खुलकर बयान दिए। जानिए पूरा राजनीतिक घटनाक्रम।

राजस्थान कांग्रेस में फिर उभरी गुटबाजी! हार का ठीकरा अपनों पर, आलाकमान को लेकर भी छिड़ी नई जंग

जयपुर- राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए। जयपुर में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने चुनावी हार के लिए पार्टी के भीतर मौजूद नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर भी अलग-अलग बयान सामने आए, जिससे संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी की चर्चा फिर तेज हो गई है।

अर्चना शर्मा ने पार्टी के नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

मालवीय नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उन्हें भारतीय जनता पार्टी से कम और अपनी ही पार्टी के नेताओं से अधिक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से करीब छह महीने पहले ही उनके खिलाफ साजिश शुरू हो गई थी, जिसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा।

आर.आर. तिवारी बोले- अपने जयचंदो ने हराया

हवा महल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेता आर.आर. तिवारी ने भी अपनी हार के लिए पार्टी के भीतर मौजूद लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई बार विपक्ष से नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के ‘जयचंदो’ की वजह से चुनाव हारते है। तिवारी ने दावा किया कि पार्टी के भीतर मौजूद कुछ लोगों ने चुनाव के दौरान उनका साथ नहीं दिया। 

राजस्थान कांग्रेस में सबसे बड़ा कद पूर्व सीएम गहलोत का - धारीवाल

कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस में सबसे बड़ा राजनीतिक कद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई।

खाचरियावास ने राहुल गांधी को बताया आलाकमान 

धारीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व स्पष्ट है और पार्टी का आलाकमान केवल राहुल गांधी हैं। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान नारेबाजी को इसलिए रोका गया ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से चल सके। धारीवाल के बयान पर उन्होंने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अपनी राय रखने का अधिकार है। 

राजस्थान की राजनीति में अशोक गहलोत का प्रभाव सबसे बड़ा - आर.आर. तिवारी 

आर.आर. तिवारी ने धारीवाल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का नेतृत्व मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के हाथ में है, लेकिन राजस्थान की राजनीति में अशोक गहलोत का प्रभाव सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि गहलोत ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और आज भी बड़ी संख्या में लोग उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

चुनावी रणनीति से पहले बढ़ी चुनौती

राजस्थान कांग्रेस आगामी चुनावों की तैयारी में जुटी है। ऐसे समय में नेताओं के सार्वजनिक बयान और एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोप पार्टी के सामने संगठनात्मक चुनौती खड़ी कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इन मतभेदों को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो इसका असर पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठन दोनों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में सामने आए बयानों ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर मतभेद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अब नजर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर रहेगी कि वह इन विवादों को किस तरह संभालता है और संगठन को एकजुट रखने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।